अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि कबीर धूल से उठे और माथे का चंदन बन गए, उन्होंने समाज में जाति का भेद मिटाने के साथ उस समाज को जागृत किया। कबीर का पूरा जीवन सत्य की खोज में बीता है। वह फक्कड़ स्वभाव के थे, लेकिन दिल के साफ थे। बाहर से कठोर और भीतर से कोमल थे। वह अपने जन्म से नहीं कर्म से महान बन गए।
संत कबीर के बाद संत रैदास आए। अंबेडकर आए। सभी ने अपने-अपने तरीके से समाज को रास्ता दिखाया। बाबा साहब अंबेडकर ने हमें जीने का अधिकार दिया। आज समाज में राजनीतिक लाभ लेने के लिए समाज में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए, उनको लगता है जितना असंतोष और अशांति का वातावरण बनाएंगे उतना राजनीतिक लाभ होगा।
पीएम ने कहा कि सच्चाई यह है कि ऐसे लोग जमीन से कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश के राजनेताओं को गरीबों की चिंता नहीं रही। उन्हें बंगले का मोह है। करोड़ों के बंगले बनाने वालों ने गरीबों के लिए कुछ नहीं कहा। उन्होंने कभी गरीबों के लिए घर का निर्माण नहीं कराया। जब मोदी सरकार आई तो गरीबों के लिए छत का इंतजाम शुरू करा दिया। अभी दो दिन पहले ही देश में आपाल काल के 47 साल हुए। सत्ता की लालच ऐसा हो गया है कि आपात काल लाने वाले और उसका विरोध करने वाले कंधा से कंधा मिला लिए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के मामले में भी इन राजनीतिक दलों को देखा है। आज मुस्लिम महिलाएं भी तीन तलाक के खिलाफ हैं। लेकिन राजनीतिक दलों के लोग मुस्लिम महिलाओं की भलाई की कोई चिंता नहीं है। कबीरदास ने कहा था कि शासक वही है जो जनता की पीड़ा को समझता हो और उसका निदान करता हो। पर अफसोस कुछ परिवार आज कबीरदास की बात को पूरी तरह नकारने में लगे हैं। वह भूल गए हैं कि आज हमारे साथ कबीर दास हैं। कबीर दास मनुष्य-मनुष्य के बीच भेद पैदा करने वालों के खिलाफ थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर को समझने के लिए कोई भाषा नहीं गढ़ी। बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल किया। बोलचाल की भाषा में ही उन्होंने जीवन दर्शन को बताया। उनके कई दोहों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ समाज में आने वाली आंतरिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए ऋृषियों, मुनियों ने हमें मार्ग दिखाया। देश की चेतना को बचाने का कार्य संतों ने समय समय पर किया। उन्होंने बल्लभाचार्य, रामानुजाचार्य, रामानंद, तुलसी आदि कई संतों का नाम लेते हुए कहा कि उस दौर में भी तमाम विपत्तियों से गुजरते हुए समाज को नई दिशा दी। रामानंद ने तो समाज के सभी वर्गों को जोड़कर जाति-पाति और छुआछूत को समाप्त किया।
पीएम आगे बोले कि, प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर व्यक्ति से अभिव्यक्ति बन गए। उन्होंने समाज की चेतना को जागृत करने का काम किया। उन्होंने कहा था कि यदि हृदय में राम है तो क्या काशी क्या मगहर। कबीर दास कहते थे कि हम काशी में प्रकट भये हैं, रामानंद चेताए। कबीर भारत की आत्मा और रससार कहे जा सकते हैं। उन्होंने जाति-पाति के भेद तोड़ा।
पीएम ने कहा कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी के कालखंड में अगर देश की आत्मा बची रही, तो वो ऐसे संतों की वजह से ही हुआ।
इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम ने उपस्थित जनसमुदाय को भोजपुरी में प्रणाम किया और कहा कि इस पावन भूमि को प्रणाम करत बानी। यह हमार सौभाग्य है कि आज हम यहां आइल बानी। उन्होंने कहा कि आज मुझे भी तीर्थ स्थल पर आने का मौका मिला। मैने कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई, फूल चढ़ाया। कबीर दास की गुफा भी देखी। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर गुरु गोरखनाथ, संतकबीर दास और गुरु नानक ने एक साथ बैठकर आध्यत्मिक चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि तीरथ गए तो एक फल…कहकर कहा कि यह भूमि पूण्य फल देने वाला है। करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से कबीर के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।
इससे पहले पीएम ने यहां कबीर की समाधि और मजार पर चादर चढ़ाकर शीश नवाया। इसके बाद उन्होंने यहा 24.9375 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली संतकबीर शोध अकादमी का शिलान्यास किया। क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी।
मजार पर चादर चढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री उस गुफा में भी गए जहां कहा जाता है कि कबीर दास जी ध्यान किया करते थे।
एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। कबीर निर्वाण स्थली पर आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में प्रधानमंत्री का आगमन 2019 के आसन्न लोकसभा चुनावों के लिहाज से खास माना जा रहा है।
-
कटनी: घंटाघर रामलीला मैदान के पीछे गंदगी का अंबार, नगर निगम के स्वच्छता दावों की खुली पोल -
वनभूमि पर अतिक्रमण के प्रयास पर वन विभाग ने की कार्रवाई, 13 दिसंबर 2005 के पूर्व से काबिज आदिवासी परिवारों को ही दिए जाएंगे पट्टे, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी के बहकावे में आकर न करें वन भूमि पर कब्जा -
जबलपुर से गया के बीच कटनी जंक्शन होकर चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्री दबाव नियंत्रित करने रेलवे का निर्णय -
विश्व रेबीज दिवस पर कटनी में निःशुल्क रेबीज टीकाकरण एवं जागरूकता शिविर, 30 सितंबर को होगा आयोजन -
वर्धमान फैब्रिक्स बुधनी में रोजगार का बड़ा अवसर: 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवाओं की होगी भर्ती, जानें सैलरी और आवेदन प्रक्रिया -
कटनी: कलेक्टर आशीष तिवारी ने समय-सीमा बैठक में कड़े तेवर दिखाए, लापरवाह अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश -
दीपावली 2026: कटनी में पटाखा बिक्री के लिए ऑनलाइन जारी होंगे अस्थाई लाइसेंस, MP Services Portal पर करना होगा आवेदन -
October Rajyoga 2026: अक्टूबर में बनेंगे 4 बड़े राजयोग, 31 तारीख को गुरु का सिंह में महागोचर; जानें किन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत -
October Rajyoga 2026: अक्टूबर में बनेंगे 4 बड़े राजयोग, 31 तारीख को गुरु का सिंह में गोचर; जानें किन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत -
अशोक सिंघल जन्म-शताब्दी: पीएम मोदी ने लिखा विशेष आलेख, बोले-“अयोध्या में राम मंदिर देखकर आज सबसे अधिक प्रसन्न होते अशोक जी” -
नवरात्रि 2026: माता वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! नई दिल्ली से कटरा के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, देखें रूट और टाइम-टेबल -
मिसाल: पिता की याद में दो बेटों का अनोखा प्रेम, घर का नक्शा बदला पर पेड़ को नहीं कटने दिया -
कश्मीर: करनाह में बेकाबू होकर खाई में गिरी गाड़ी, 5 की मौत, 6 अस्पताल में भर्ती -
Hospital Grading: अब अस्पतालों की होगी रेटिंग, नीति आयोग ला रहा है नेशनल क्वालिटी फ्रेमवर्क -
फेस्टिव सीजन से पहले महंगाई का झटका: 1 अक्टूबर से महंगे होंगे LG के एयर कंडीशनर -
राहत भरी खबर: सोमवार से प्रस्तावित 3 दिनों की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल टली, IBA और UFBU में बनी सहमति -
मुंबई: गोरेगांव में सार्वजनिक शौचालय के भीतर संदिग्ध जहरीली गैस से दो युवकों की मौत, BMC की बड़ी तोड़क कार्रवाई -
अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026: कटनी में अग्रवाल नवयुवक मंडल का पांचवां विशाल रक्तदान शिविर संपन्न, 45 लोगों ने किया रक्तदान -
कटनी रेलवे स्टेशन लूट: दिनदहाड़े यात्री से ₹3 हजार की लूट, सुरक्षा पर सवाल -
पितृपक्ष पर रानी कमलापति से गया के बीच कटनी होकर चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्री दबाव को ध्यान में रखकर रेलवे का निर्णय
