बीजेपी की महिला नेता को सता रहा हार का डर, पद छोड़ने की जताई इच्छा

भोपाल। मध्य प्रदेश में संगठनों के कामों में नेताओं की दिलचस्पी अब कम नजर आ रही है. नंदकुमार सिंह चौहान के बाद अब पार्टी उपाध्यक्ष उषा ठाकुर ने संगठन में काम नहीं करने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि वह अपने क्षेत्र में ध्यान नहीं दे पा रही है. बता दें कि उषा ठाकुर के पास उज्जैन संभाग का प्रभार और 29 विधानसभा सीटों की निगरानी करने का जिम्मा है.
चुनावी साल में बीजेपी में अब नेताओं के लिए सत्ता जरूरी हो गई है जबकि संगठन मजबूरी सा प्रतीत होता नजर आ रहा है. सांसद नन्दकुमार सिंह चौहान के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद अब धीरे-धीरे और भी नेताओं ने संगठन से काम की मुक्ति चाही है. इन्हीं नेताओं में से एक हैं भाजपा की विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष उषा ठाकुर. उषा ठाकुर ने संगठन में हुए नेतृत्व परिवर्तन पर अब संगठनात्मक जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई है.
उनका साफ कहना है कि संगठन ने उन्हें उज्जैन संभाग का प्रभारी बना रखा है जिस वजह से वो विधानसभा में समय देने में असमर्थ रहती हैं. इसलिए अब वो चुनावी साल में सिर्फ अपनी विधानसभा में समय देना चाहती हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले नंदकुमार सिंह चौहान ने भी अपने संसदीय क्षेत्र में समय देने की दलील देते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और अब अन्य राजनेता भी उनके इस सुर में सुर मिलाते नजर आ रहे हैं. बीजेपी में चली ये बयार अब धीरे-धीरे सत्ता और संगठन में जिम्मेदारी का आभास करा रही है और चुनावी साल में नए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को भी मंथन करने के संकेत साफ दे रही है.

