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इस साल बिजली के दाम में 9 फीसद तक आ सकता है उछाल

जबलपुर। कोरोना संक्रमणकाल में बिजली कंपनियों की आर्थिक सेहत भी बहुत अच्छी नहीं है। कंपनियों के पास राजस्व नहीं आ रहा है। ऐसे में बिजली की निरंतर सप्लाई देना मुश्किल हो रहा है। कंपनियां बिजली के दाम बढ़ाने के प्रयास में हैं। साल 2020-21 के लिए बिजली कंपनी ने औसत 5.25 फीसद बिजली के दाम बढ़ाने की अनुमति मांगी थी।

इस पर मप्र विद्युत नियामक आयोग को फैसला लेना था लेकिन कोरोना संक्रमण और उपचुनाव की वजह से इस पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। अब नए सत्र 2021-22 के लिए टैरिफ बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें बिजली कंपनी बीते साल के नुकसान को जोड़कर बिजली के दाम बढ़ाने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि 3 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पूरा करने के लिए बिजली कपंनी करीब 9 फीसद तक दाम बढ़ाने का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेज सकती है। 30 नवंबर तक कंपनी को याचिका तैयार करना है।

मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी को टैरिफ याचिका तैयार करना है। इस संबंध में तीनों वितरण कंपनियों से आय और व्यय का लेखाजोखा मांगा गया है। बिजली कंपनी ने 2019-20 में 5575 करोड़ यूनिट बिजली बेची थी। वहीं 2020-21 में 6 हजार करोड़ यूनिट बिजली बेचने का लक्ष्य है। मौजूदा सत्र 2020-21 में अगस्त 2020 तक ही कंपनी ने 2050 करोड़ यूनिट बिजली दी।

मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी सबसे पहले प्रदेश की तीनों वितरण कंपनी से आगामी साल के लिए कितनी बिजली लगेगी उसकी जानकारी मांगती है। फिर आय-व्यय का ब्योरा तैयार होता है। इसी आधार पर प्रस्ताव बनाकर मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा जाता है। आयोग याचिका पर जनता से दावे-अपत्ति आंमत्रित करता है। इसके पश्चात वितरण कंपनी के मुख्यालय में विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई तय होती है। जिसके आधार पर आयोग याचिका पर अंतिम फैसला करता है। अमूमन 1 अप्रैल से बिजली के दाम में बदलाव होता है।

अभी ये है मौजूदा बिजली के दाम

यूनिट दाम प्रति यूनिट

0-50 4.05

51-100 4.95

101-300 6.30

300 से ऊपर 6.50

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