बाबरिया के दौरे से सत्ता में भागीदारी के दावेदारों की सक्रियता बढ़ी

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया आज शाम दो दिवसीय दौरे पर भोपाल आ रहे हैं। इस दौरान वे मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ ही अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियों की अटकलों के बीच बाबरिया के इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच झाबुआ उपचुनाव होने की वजह से मामला अटक गया था। अब उपचुनाव हो जाने के बाद एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। ऐसे ही कांग्रेस नेता निगम-मंडलों में नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के दिल्ली दौरे से लौटने के एक दिन बाद ही बाबरिया के भोपाल आगमन से मंत्रिमंडल विस्तार व निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। सभी कांग्रेस नेताओं की नजर बाबरिया के दौरे पर है। सूत्रों का कहना है कि सीएम से मुलाकात के दौरान बाबरिया झाबुआ चुनाव में पार्टी की जीत के बाद प्रदेश के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा करेंगे। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में पार्टी नेताओं से मुलाकात के दौरान बाबरिया उनसे सरकार और संगठन के कामकाज को लेकर फीडबैक लेंगे।
इन्हें मिल सकती है निगम मंडलों की कमान
दीपक सक्सेना, शोभा ओझा, चन्द्रप्रभाष शेखर, राजीव सिंह, जेवियर मेडा, केके मिश्रा,जुगलाल कोल (भाजपा विधायक शरद कोल के पिता) भूपेन्द्र गुप्ता, मोह मद सलीम, मानक अग्रवाल आदि।
प्रदेश प्रभारी ने बुलाई फ्रंटल संगठनों की बैठक
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने गुरुवार दोपहर पीसीसी में पार्टी के फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। बैठक में संगठन के कामकाज और सदस्यता अभियान पर चर्चा की जाएगी। इसमें महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और विभिन्न मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शामिल होंगे।
संगठन का लाभ देखकर हो नियुक्तियां
बाबरिया का कहना है कि विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान जिनके टिकट कटे और जिन्हें आश्वासन दिए गए, सबसे पहले उन्हें लाभ मिलना चाहिए। नियुक्तियों में यह देखने को भी जरूरत है कि इससे संगठन को कितना लाभ होगा? बाबरिया की आपत्ति के बाद निक्युक्तियां पर विराम लग गया था। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री के साथ बाबरिया की कल होने वाली बैठक में गाइडलाइन पर चर्चा हो सकती है।
बाबरिया ने की थी नियुक्तियों पर आपत्ति
मुख्यमंत्री कमलनाथ अपेक्स बैंक के प्रशासक सति कुछ पदों पर राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत की थी। तो पार्टी के प्रदेश प्रभारी बाबरिया ने इस पर आपत्ति की थी। उनका कहना था कि गाइडलाइन तय कर नियुक्तियां की जाना चाहिए। बाबरिया का कहना था कि सिर्फ यह देखकर राजनीतिक नियुक्ति नहीं की जा सकती कि कौन किस नेता के साथ जुड़ा है।
नेताओं ने तैयार कर रखी है सूची
अपेक्स बैंक में अशोक सिंह की नियुक्ति के बाद से ही निगम मंडलों में नियुक्तियों के लिए नेता सक्रिय हो गए थे। बड़े नेताओं ने बाकायदा सूची तैयार कर रखी है कि किसे कहा फिट करना है। सूत्रों का कहना है कि गाइडलाइन बन जाने के बाद भी नियुक्तियां सभी प्रमुख नेताओं से चर्चा करने के बाद की जाएंगी। विधानसभा चुनाव में जिन नेताओं ने मेहनत की है और त्याग किया है, उन्हें मौका मिलने की ज्यादा संभावना है।








