
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 4 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बीच भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है। बुधवार को 550 अंक गिरकर बंद हुआ शेयर बाजार गुरुवार को 600 अंकों की कमजोरी के साथ खुला।
इसके बाद जैसे-जैसे दिन का कारोबार बढ़ता गया, बाजार में गिरावट भी बढ़ती गई और खबर लिखे जाने तक प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 829 अंकों की गिरावट के साथ 35146 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 252 अंकों की कमजोरी के साथ 10606 के स्तर पर था।
दूसरी तरफ गुरुवार को रुपए ने भी अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 73.70 के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया।
सरकार की बढ़ी चिंता
बुधवार को रुपए और शेयर बाजार में भारी गिरावट आने के बाद सरकार सतर्क हो गई है। इन मसलों पर गुरुवार को एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे। सेंसेक्स बुधवार को 550 अंक गिरकर 35,975.63 पर बंद हुआ और निफ्टी 150 अंक टूटकर 10,858.25 के स्तर पर आ गया। करेंसी मार्केट की हालत भी पतली रही।
डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे कमजोर होकर 73.32 पर आ गया। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इसे गंभीर मामला मान रही है, जिसको लेकर व्यापार एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु के नेतत्व में होने वाली बैठक में रुपए पर दबाव और व्यापार में हो रहे घाटे को दूर करने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
जुलाई में व्यापार घाटा 5 वर्षों के सबसे ऊंचे स्तर 18.02 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि अगस्त में यह मामूली घटकर 17.4 अरब डॉलर का रहा। इन सभी मसलों पर सरकार फिलहाल रिजर्व बैंक के साथ बातचीत कर रही है।








