katni

बच्चों से भरी स्कूल वैन में धुंए से मची अफरातफरी

कटनी। विजयराघवगढ़ जनपद शिक्षा केन्द्र के तहत ग्राम देवराकलां में संचालित लक्ष्मी कान्वेंट पब्लिक स्कूल की वैन में आज सुबह एकाएक आग लग गई। जिस समय यह घटना घटी उस समय स्कूल वैन में लगभग 30 बच्चे सवार थे। वैन से धुंआ उठते देख ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों को बाहर निकाला और स्कूल में वैन में लगी आग बुझाई। घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों एवं अन्य ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। लोग स्कूली वैन में तोड़-फोड़ करने में अमादा थे पर किसी तरह समझाईश के बाद मामला शांत हुआ।

गौरतलब है कि विजयराघवगढ़ के देवराकलां में लक्ष्मी कान्वेंट पब्ल्कि स्कूल के नाम से एक इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित है। विजयराघवगढ़ एवं कैमोर की दूरी अधिक होने के कारण आसपास के दर्जनों ग्रामों के सैकड़ों बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं। इन बच्चों को स्कूल तक लाने ले जाने के लिए स्कूल द्वारा एक वैन चलाई जा रही जिसका नंबर एम.पी.21 टी.ए. 0593 है। यह स्कूल वैन काफी खटारा हालत में है फिर भी इसका उपयोग किया जा रहा।

बताया गया कि आज सुबह लगभग 8 बजे से यह स्कूल वैन बच्चों को लेने ग्राम बड़गैंया सलैया पहुंची थी। स्कूल वैन में उस समय पहले से ही लगभग 30 बजे सवार थे। बड़गैंया सलैया में वैन में पहुंचने के बाद वहां के बच्चे भी स्कूल वैन में सवार हो रहे थे तभी एकाएक स्कूल वैन से धुंआ निकालने लगा। धुंआ देखकर बच्चे घबरा गए और वैन से कूदने लगे। कुछ ग्रामीणों की नजर भी स्कूल वैन से निकलते धुंए पर पड़ी और वे दौड़कर वैन के पास आ गए। ग्रामीणों ने पहले तो सभी बच्चों को स्कूल वैन से बाहर निकाला और उसके बाद पानी डालकर वैन में लगी आग बुझाई।

स्कूल वैन की जर्जर हालत देखकर ग्रामीण भारी आक्रोशित थे। कुछ युवा स्कूल वैन में तोड़फोड़ करने पर भी आमादा हो गए थे पर बुजुर्ग ने उन्हें समझाबुझाकर रोका इस घटना की शिकायत तत्काल बीआरसी देवेन्द्र अहिरवार एवं एसडीएम धर्मेन्द्र मिश्रा से की गई। बहरहाल ग्रामीणों की सजगता और सक्रियता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि इंदौर में स्कूल बस की दर्दनाक दुर्घटना के बाद से प्रशासन द्वारा सभी स्कूली वाहनों की जांच की जा रही।

जिला मुख्यालय में पिछले दो दिनों में दो दर्जन से भी अधिक स्कूली वाहनों की जांच की जा चुकी है और कमी पाये जाने पर उनके खिलाफ जुर्माना किया जा चुका है। साथ ही स्कूल संचालकों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए जा चुके है पर ग्रामीण क्षेत्रों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक निजी स्कूल संचालक बच्चों को स्कूल तक लाने ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग कर रहे पर इन वाहनों की स्थिति ठीक नहीं कहीं जा सकती।

शिक्षा विभाग और प्रशासन को ऐसे स्कूल संचालकों पर नकेल कसनी चाहिए और इन वाहनों के भी फिटनेस आदि की जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली किसी भी बस में न तो स्पीड गर्वनर लगाए गए हैं न ही सीसी टीव्ही कैमरे लगाए गए। चालक-परिचालकों की योग्यता और अनुभव पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को छोटे-छोटे वाहनों ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। इस सब पर रोक न लगी तो कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

Leave a Reply

Back to top button