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बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए अच्छी संगति जरूरी

कटनी। प.पू. आचार्या श्री विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न 105 गुरूमति माता जी एवं आर्यिका रत्न श्री 105 दृढ़मति माता जी 105 आर्यिका रत्न पावनमति माता जी, 105 आर्यिका रत्न उज्जवलमति माता जी का 31 वां दीक्षा दिवस महोत्सव बड़ी धूमधाम एवं श्रद्धाभक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में दि.जैन पंचायत द्वारा आयोजित साधूराम हाईस्कूल परिसर में प्रातः पूजन,अभिषेक एवं मांगलिक विधान का आयोजन आर्यिका संघ के परम सानिध्य में किया गया ।

दोपहर में दि.जैन शिक्षा संस्था, की छात्रा-छात्राओं एवं सतना, बण्डा, सागर से आये धर्मालु माताओं-बहनों द्वारा धार्मिक एवं देशभक्ति पर आधारित गीतों पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर वाह-वाही लूटी, इस अवसर पर तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष स.सि.सुधीर कुमार जैन द्वारा आचार्य श्री के जीवन के वृत्तचित्रों के एलबम का विमोचन के साथ अनेक पुस्तकों का विमोचन किया गया।

आचार्य श्री जी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्जवलन सेठ उत्तमचंद जैन, प्रेमचंद प्रेमी, सि.संतोष कुमार मालगुजार एडवोकेट प्रकाशचंद पटोरिया, कोमलचंद जैन, डॉ. संदीप जैन, अनूप सिंघई, शैलेन्द्र जैन कंजे, पत्रकार संजय जैन, शिम्पी जैन, मयंक जैन, ससि शांति कुमार जैन, सतीश जैन, सोनल जैन के साथ दि.जैन पंचायत सभा के पदाधिकारियेां एवं सदस्यों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर शुभा-संजय जैन आयुक्त का सम्मान पूर्व विधायक अलका जैन, पार्षद सीमा सोगानी, जयश्री जैन, डाली सिंघई, अंजू जैन, सीमा नाहर, द्वारा किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन सीमा जैन सकूरा, सौम्या रांधेलिया द्वारा एवं महोत्सव का संचालन प्रमोद जैन कक्का, कोमलचंद जैन, विकास जैन द्वारा किया गया।

इस अवसर पर आर्यिका गुरूमति माता जी ने दीक्षा दिवस महोत्सव पर आयोजित संस्कारवान कैसे बने पर अपने प्रवचन में कहा कि हमें अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिये अच्छी संगति हो इस पर ध्यान देना चाहिये क्योंकि संगती का प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है आर्यिका श्री ने आगे आचार्य श्री की प्रेरणा से कई कार्य हुए बताया कि आचार्य श्री जी की प्रेरणा से जीव दया के लिये 130 गौशाला खोली गई एवं छात्र छात्राओं को प्रतिभावान एवं संस्कारित करने हेतु अनेक प्रतिभास्थाली छात्रावास की स्थापना दानवीरो के माध्यम से कराई गई है।

शिक्षिकों को हित का सजृन करना चाहिये
आर्यिका रत्न 105 दृढ़मति माता जी ने छात्रसभा को सम्बोधित करते हुये कहॉ कि यदि आप अपने जीवन को उज्जवल बनाना चाहते है तो आपको झूठ नही बोलना, चोरी नही करना, किसी की निन्दा नही करना, गुटका आदि नशीले पदार्थो का सेवन नही करना होगा, क्योकि ऐसा करने से जीवन अशांत बनता है। उपरोक्त सभी कारण जीवन के विकास में बाधक बनते है।

आपको एवं शिक्षिकों को हित का सजृन करना चाहिये एवं अहित का विसर्जन करना चाहिये। तभी आप संस्कारवान बन सकेगें। इस अवसर पर गौ-रक्षा समिति,दि.जैन सोशल गु्रप, दि.जैन महिला परिषद्, भगवान महावीर विकलांग पुर्नस्थापन केन्द्र के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ पूर्व राज्य शिक्षामंत्री अलका जैन, मेयर-इन-काउंसिल की सदस्य सीमा जैन सोगानी, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष भावना सिंह, एल्डरमैन शिल्पी सोनी के साथ द्वारा बाहर से पधारे श्रावक श्राविकाओं आर्यिका संघ को श्रीफल चढ़ाकर प्राप्त किया।

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