फिर कचरे में मिली लाडली, चाइल्ड हेल्पलाइन ने पहुंचाया मातृछाया
इंदौर। महू स्थित किशनगंज पुलिस थाना क्षेत्र में गुरुवार रात किसी ने वेटरनरी कॉलेज गेट के पास नवजात बच्ची को कचरे के ढेर पर फेंक दिया। देर रात एक महिला ने पुलिस व चाइल्ड लाइन की मदद से उसे अनाथाश्रम पहुंचाया।
किरण नामक महिला रात एक से डेढ़ बजे के बीच एटीएम में पैसे निकालने के लिए पहुंची थी। अचानक उसे रोने की आवाज आई। इधर-उधर देखा तो कपड़े में लिपटी बच्ची दिखी। उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टरों ने बच्ची को स्वस्थ बताकर शुक्रवार सुबह चाइल्ड लाइन इंदौर की टीम के सुपुर्द कर दिया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर बच्ची को मातृछाया संस्थान (शिशु गृह) में आश्रय दिया गया।
कहीं झाड़ियों में तो कहीं सड़क किनारे मिले –
चाइल्ड हेल्पलाइन के अनुसार इस साल जनवरी से अब तक नवजात को सड़क पर फेंकने का यह पांचवां मामला है। बीते दिनों स्कीम नंबर 78 में झाड़ियों के पास, दशहरा मैदान, राजेंद्र नगर के पास सड़क किनारे, चंदन नगर के पास नवजात शिशु मिल चुके हैं। ये सभी अलग-अलग आश्रय गृहों में हैं।
30 स्थानों पर लगना है पालने –
महिला बाल विकास मंत्री ने सालभर पहले सभी सार्वजनिक स्थानों पर पालना लगाने के आदेश दिए थे ताकि मासूमों को कोई सड़कों पर न फेंके। प्रशासनिक लापरवाही से अब तक नाममात्र स्थानों पर भी नहीं लग सके। इंदौर जिले में 25-30 स्थानों पर पालने लगाने की योजना थी। इनमें सरकारी अस्पताल, सभी अनाथाश्रम, सार्वजनिक मंदिर, मस्जिद, धर्मशाला, आंगनवाड़ी केंद्रों के बाहर लगाए जाना हैं।

