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प्रधानमंत्री आवास बनने के बाद नहीं मिला पैसा तो एप पर करें फोटो अपलोड

रायपुर। छत्तीगसढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में गड़बड़ियों को रोकने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने डिजिटल पहल की है। प्रधानमंत्री आवास बनने के बाद पैसा नहीं मिला तो एप पर फोटो अपलोड करके सीधे शिकायत की जा सकती है। इसकी मानिटरिंग केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय करेगा।

पंचायत विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि सरकार की डिजिटल इंडिया की सोच के अनुरूप निर्मित किए जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवासों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें कोई भी व्यक्ति ग्रामीण विकास मंत्रालय के एप पर तिथि एवं समय सहित जिओ-टैग फोटो अपलोड करके शिकायत कर सकता है।

प्रदेश में आदिवासी इलाकों में ग्रामीण आबादी के लिए मकान बड़े पैमाने पर मकान बन रहे हैं। इसमें कई स्‍थानों पर मकान बनने के बाद भी हितग्राहियों को राशि का भुगतान नहीं हुआ है। अब एप के माध्यम से भुगतान नहीं मिलने वाले हितग्राही सीधी शिकायत कर सकते हैं।

सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास पीसी मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 10 लाख मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के प्रथम वर्ष में चार लाख 39 हजार 275 आवास के लक्ष्य के बदले एक लाख 84 हजार आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। मार्च 2018 तक एक लाख मकान और पूर्ण कर लिए जाएंगे।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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