प्रदेश की स्कूल शिक्षा सचिव रश्मि अरुण शमी सहित अन्य को HC से अवमानना नोटिस

Jabalpur news मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व आदेश की नाफरमानी के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ राज्य की स्कूल शिक्षा सचिव रश्मि अरुण शमी, आयुक्त स्कूल शिक्षा जयश्री कियावत, जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर अरुण इंगले सहित अन्य को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

18 वर्ष होेने के बाद आवेदन दरकिनार किया गया: अवमानना याचिकाकर्ता नरसिंहपुर जिला अंतर्गत गाडरवारा निवासी अनिल नामदेव की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि अवमानना याचिकाकर्ता की शासकीय स्कूल में मां शिक्षिका थीं। जब उनका निधन हुआ, उस समय अवमानना याचिकाकर्ता की आयु महज छह वर्ष थी। लिहाजा, जिला शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य को आवेदन देकर कहा गया कि जब आयु 18 वर्ष हो जाएगी, तब अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया जाएगा। इसी आधार पर जब अवमानना याचिकाकर्ता की आयु 18 वर्ष हो गई तो उसने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। लेकिन उसका आवेदन दरकिनार कर दिया गया। इस रवैये के खिलाफ वह हाई कोर्ट चला आया।

 

अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने कहा था : एकलपीठ ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद याचिका का इस निर्देश के साथ निराकरण कर दिया कि नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। लेकिन निर्धारित समयावधि निकलने के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। लिहाजा, अवमानना याचिका के जरिये नए सिरे से हाई कोर्ट आना पड़ा। हाई कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद पाया कि हाई कोर्ट के पूर्व आदेश का पालन करने की दिशा में लापरवाही बरती गई है। इसलिए अनावेदक अवमानना नोटिस का जवाब प्रस्तुत करें। इसके तहत स्पष्टीकरण दें कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए?

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