दो छात्रों को करीब 500 कॉपियां दी चैक करने –

आर्ट्‌स एंड कॉमर्स कॉलेज के प्रोफेसर ने दो विद्यार्थियों को करीब 500 कॉपियां चैक करने दे दी। इन दोनों विद्यार्थियों ने इसी वर्ष कॉलेज में फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया है। छात्र भागीरथ अपने घर पर बैठकर कॉपियां चैक कर रहा था। उससे पूछा तो उसने बताया कि इसी वर्ष कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया है। कॉलेज के ही एक प्रोफेसर ने उसे उत्तर-पुस्तिकाएं जांचने के लिए कहा है। प्रोफेसर ने दोनों छात्रों को कॉपियों के 5 बंडल जांचने के लिए दिए हैं। इनमें से प्रत्येक बंडल में करीब 100 कॉपियां हैं, जिन्हें जांच कर स्टूडेन्ट को वापस करना है।

घर से कॉपी कर रहे थे चैक –

दोनों विद्यार्थियों ने शासकीय आर्ट्‌स एंड कॉमर्स कॉलेज के सामने ही कॉलोनी में किराए पर घर लिया है। जहां से वे शुक्रवार सुबह कॉपियां चैक कर रहे थे। नवदुनिया की टीम ने मौके पर पहुंच कर देखा तो दोनों छात्र 5 में से एक बंडल की उत्तर-पुस्तिकाएं जांच रहे थे। 4 बंडल बांधे हुए उनके घर पर ही साइड में रखे हुए थे। इसके बाद छात्रों ने पूरी कॉपियां बेड के नीच रख दी और प्रोफेसर का नाम पूछने पर बताने से इंकार करने लगे। दोनों छात्र हिन्दी साहित्य विषय की चौथे सेमेस्टर की उत्तर-पुस्तिकाएं , गाइड हिन्दी व्याकरण रचना में से देख-देख कर जांच रहे थे। प्रोफेसर की ऐसी लापरवाहियों से ही कई विद्यार्थियों का रिजल्ट और भविष्य दोनों खराब होते हैं।

कौन प्रोफेसर कॉपी जांच रहा मुझे जानकारी नहीं? –

विश्वविद्यालय विषय-विशेषज्ञों से सीधा टाइप-अप करके उत्तर-पुस्तिकाएं उन्हीं के पास भेजते हैं। इसमें कॉलेज प्रबंधन का कोई रोल नहीं रहता है। मेरे कॉलेज में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की कॉपियां जांचने किस प्रोफेसर को मिली है? इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है। अगर छात्र से कॉपी चैक कराने का मामला है तो यह बेहद गंभीर मामला है। विश्वविद्यालयीन शिक्षा को लेकर राज्यपाल भी बेहद गंभीर हैं। प्रोफेसर को ही उत्तर-पुस्तिकाएं जांचने का अधिकार है, यहां तक की गेस्ट फैकल्टी से भी कॉपियां चैक नहीं कराईं जाती। मैं मामले को दिखवाता हूं। अगर ऊपर से जांच के निर्देश मिलते हैं, तो मामले की जांच भी कराई जाएगी।

– डॉ. जीएस रोहित, प्राचार्य आर्ट्‌स एंड कॉमर्स कॉलेज, सागर