Saturday, May 16, 2026
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परंपरा के विपरीत लोकसभा के बजाय राज्यसभा में पहले शुरूहुई आम बजट पर बहस

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में बुधवार को आम बजट पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि आम बजट पर चर्चा की शुरुआत लोकसभा के बजाय राज्यसभा में हुई। वैसे संसदीय परंपराओं के अनुसार बजट पर बहस लोकसभा से शुरू होती है, लेकिन संसदीय इतिहास में यह छठा मौका है जब लोकसभा से पहले राज्यसभा में आम बजट पर चर्चा की शुरुआत करनी पड़ी है।

किसान आंदोलन का मुद्दा संसद के बजट सत्र में छाया रहा

कृषि सुधार कानूनों को लेकर पिछले दो महीने से अधिक समय से चल रहे आंदोलन का मुद्दा संसद के बजट सत्र में छाया रहा। बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण का विपक्ष ने बहिष्कार किया। अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा को लेकर गतिरोध बना रहा, जिससे एक सप्ताह तक सदन नहीं चला। जबकि राज्यसभा में एक दिन के स्थगन के बाद कामकाज सुचारु रूप से हुआ। इसके चलते यहां आम बजट पर चर्चा पहले शुरू करानी पड़ी।

यह छठा मौका है जब परंपरा के विपरीत राज्यसभा में पहले शुरू हुई चर्चा

इसके पहले भी पांच बार राज्यसभा में बजट पर चर्चा करानी पड़ी थी। पहली बार 1955, दूसरी बार 1959, तीसरी बार 1963, चौथी बार 1965 और पांचवीं बार वर्ष 2002 में राज्य सभा में पहले चर्चा कराई गई। वर्ष 2021 में यही प्रक्रिया दोहरानी पड़ी।

कपिल सिब्बल ने चुनावी राज्यों के लिए विशेष प्रविधान का लगाया आरोप

राज्यसभा में कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए बजट को वोट बैंक पालिटिक्स करार दिया। चुनावी राज्यों के लिए विशेष प्रविधान करने का आरोप लगाते हुए सिब्बल ने कहा कि सरकार बजट के बाहर नोट बैंक पालिटिक्स करती है। उन्होंने कहा कि कौन नहीं चाहता कि देश आत्मनिर्भर बने, लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या देश का किसान, दलित वर्ग और देश का एमएसएमई सेक्टर आत्मनिर्भर है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम