Site icon Yashbharat.com

नौसेना के 2 रिटायर्ड और एक सेवारत अफसर सहित 5 गिरफ्तार, पनडुब्बी कार्यक्रम की सूचनाएं लीक करने का आरोप, जांच कर रही CBI

indian submarine 21706822

CBI ने एक सेवारत नौसेना अधिकारी और दो सेवानिवृत्त अफसरों के साथ-साथ दो असैन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इन सभी पर ये कार्यवाई नौसेना की किलो-क्लास (Kilo-Class) की पारंपरिक पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण से संबंधित गोपनीय जानकारी को लीक करने के मामले में की गयी है. नौसेना वाइस एडमिरल की अध्यक्षता में एक आंतरिक जांच भी कर रही है, ताकि सूचना-लीक की जांच की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जा सकें.

इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. फिलहाल यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि सूचना लीक में विदेशी खुफिया एजेंसियां ​​शामिल थीं या नहीं. एक कमांडर रैंक के सेवारत अधिकारी को सीबीआई ने पिछले महीने मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमान से गिरफ्तार किया था. चार अन्य आरोपियों में एक कमोडोर के पद से और दूसरा कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुआ है. ये पांचों अभी न्यायिक हिरासत में हैं. सीबीआई अब तक इस मामले में दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में 19 स्थानों पर छापे मार चुकी है. नौसेना के सूत्रों के मुताबिक़ यह जांच पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से चल रही है.

पनडुब्बियों की रिपेयर के कान्ट्रैक्ट की सूचनाएं  लीक

खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, सेवारत अधिकारी को रूसी किलो या सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण से जुड़ी जानकारी अन्य आरोपियों को देने के लिए गिरफ्तार किया गया था. ये आरोपी कुछ डिफेंस कंपनियों के लिए काम करते हैं. इन सभी पर रिश्वत लेने के भी आरोप लगे हैं. सूत्रों ने बताया कि अभी तक की जांच से पता चला है कि जो सूचनाएं लीक हुईं वे पनडुब्बियों की रिपेयर और रखरखाव संबंधी कान्ट्रैक्ट के बारे में थीं. इस तरह की सूचनाएं एक ही सिस्टम में होती हैं. ये देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया. ताकि यह पता लगाया जा सके कि इससे अधिक जानकारियां तो गलत हाथों में नहीं पड़ गई हैं.

नडुब्बी कार्यक्रम प्रोजेक्ट-75 से सरोकार नहीं

नौसेना के सूत्रों ने इसे ‘अनधिकृत ढंग से सूचनाओं को साझा’ करने के जुर्म के दायरे में रखा है. सूत्रों ने कहा कि अभी तक की जांच से यह साफ हो चुका है कि जो सूचनाएं साझा की गईं उनका नौसेना के आगामी पनडुब्बी कार्यक्रम प्रोजेक्ट-75 से सरोकार नहीं है. नौसेना इस बारे में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है क्योंकि दो दशक पहले वॉररूम लीक कांड सामने आने से पूरा स्कॉर्पियन पनडुब्बी कार्यक्रम पटरी से उतर गया था.

नौसेना ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “कुछ अनधिकृत कर्मियों की तरफ से प्रशासनिक और कमर्शियल सूचनाएं लीक करने का मामला सामने आया है. नौसेना के सहयोग से उपयुक्त सरकारी एजेंसी मामले की जांच कर रही है.” नौसेना अपनी आठ पुरानी सिंधुघोष-श्रेणी की डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों में से चार का आधुनिकीकरण करना चाहती है. इनमें से प्रत्येक की लागत लगभग 1,400 करोड़ रुपये है.

Exit mobile version