
नई दिल्ली। जहां एक तरफ सरकार ने देश में ट्रकों के परिवहन को मंजूरी दे दी है वहीं दूसरी तरफ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 20 अप्रैल से एनएच पर टोल वसूली फिर से शुरू करने का फैसला किया है। ट्रांसपोर्ट जगत NHAI के इस फैसले का विरोध कर रहा है। कोरोना वायरस संकट के बीच आवश्यक सेवाओं की सहूलियत के लिए NHAI ने 25 मार्च से सभी एनएच पर टोल वसूली बंद कर दी थी। इसका एक मकसद टोल कर्मियों को कोरोना संक्रमण से भी सुरक्षित रखना था।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने NHAI को लिखे एक पत्र में कहा कि गृह मंत्रालय ने 20 अप्रैल से राज्यों के भीतर और बाहर ट्रकों और मालवाहकों के आवागमन की इजाजत दे दी है। NHAI को गृह मंत्रालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए 20 अप्रैल से टोल संग्रह की शुरुआत कर देनी चाहिए।
NHAI के एक पत्र के जवाब में राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि प्राधिकरण ने अपने दो पत्रों में एनएच पर टोल वसूली शुरू करने की वजहों का उल्लेख किया है। पत्रों में कहा गया है कि टोल वसूली से ना सिर्फ सरकार को फायदा होता है, बल्कि प्राधिकरण की भी वित्तीय स्थिति सुधरती है।
हालांकि, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यानी AIMTC ने इस कदम का विरोध किया है। AIMTC का कहना है कि एक तरफ सरकार सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है, जिसे हम हर बाधाओं के बावजूद करने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ वह मौजूदा परिस्थितियों में टूट चुके ट्रांसपोर्ट कारोबार को जरा भी रियायत देने को तैयार नहीं है।







