Monday, April 6, 2026
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निर्वाचन आयोग की सख्ती से उम्मीदवार सतर्क

कंजूसी से कर रहे चुनाव में खर्च
जबलपुर,यभाप्र। आगामी 28 नवंबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार अभियान ने गति तो पकड़ ली पर इसमें प्रत्याशी फूंक – फूंककर कदम रख रहे हैं। क्योंकि आयोग ने सभी प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा जहां 28 लाख रुपए तय की है। प्रचार-प्रसार से लेकर झंडा-बैनर, पोस्टर,वाहन आदि हर तरह के खर्चो का हिसाब खुद प्रत्याशी को रखना व बताना होगा। आयोग के चुनावी खर्च संबंधी नियमों की जानकारी गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर छवि भारद्वाज ने दी। इस दौरान आयोग के प्रेक्षक भी मौजूद थे। हालांकि चुनिंदा पार्टियों के प्रत्याशी ही इस बैठक में पहुंचे। अधिकांश प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों को नियमों से अवगत कराया गया। प्रत्याशियों को बताया गया कि उन्हें अपने रोजाना के खर्च का हिसाब रजिस्टर में रखना होगा। यह रजिस्टर निर्वाचन कार्यालय व आयोग के प्रेक्षक भी देख सकेंगे। आदर्श आचार संहिता का पालन करने वाले नियमों की जानकारी दी गई। प्रत्याशी को क्या करना है और क्या नहीं करना है। इस बारे में विस्तार से बताया गया। राजनीतिक सभा, प्रचार, अन्य कार्यक्रमों में किस तरह की सावधानी बरती जाए। इसके बाद अब प्रत्याशी व समर्थक ऐसा कोई काम नहीं कर रहे हैं जो आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आता हो। खर्च सीमा के साथ 10 फीसदी मंहगी चुनाव प्रचार सामग्री , उस पर 5 से 18 फीसदी जीएसटी ने उनके हाथ बांध दिए हैं। इसीलिए प्रचार के दौरान नाम मात्र के लिए झंडा ,बैनर का उपयोग किया जा रहा है। छोटे दल जरूर ढोल ढमाकों के साथ प्रचार में जुटे हैं पर वे भी सतर्क हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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