Friday, May 15, 2026
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नए साल 2024 से पहले पुलिस के सामने पुराने मामलों के निकाल की चुनौती, लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी के लिए हर स्तर पर प्रयास

कटनी (विवेक शुक्ला)। साल का अंतिम माह होने से अक्सर पुलिस छोटे मामले दर्ज करने से बचती है, वहीं नया साल शुरू होने से पहले पुलिस के सामने पुलिस रिकॉर्ड सुधारने व लंबित प्रकरणों को निपटाने की चुनौती है। पुलिस अधिकारी लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।

कई पुराने मामलों का भी निपटारा किया जा रहा है। जिन प्रकरणों में राजीनामे की संभावना रहती है। उनमें राजीनामा करवाकर प्रकरण का निस्तारण किया जा रहा है। जिले में भी लंबित मामलों की संख्या काफी अधिक है। बीते दिनों पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन ने भी पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए थे।

शहरी थानों में लंबित मामलों की संख्या अधिक

जिले के शहरी क्षेत्र के थानों में लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक होने से इनके निराकरण में पुलिस को परेशानी हो रही है। पुलिस अधिकारी शहरी क्षेत्र के थानों में पहुंचकर प्रतिदिन की रिपोर्ट ले रहे हैं। इस माह में केवल जरूरी मामले ही दर्ज किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र के पांच थानों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है। इस महीने में पुलिस को सबसे ज्यादा दबाव लंबित प्रकरणों के निकाल पर रहता है। आपराधिक मामलों में जल्द से जल्द न्यायालय में चालान पेश करना पुलिस की पहली प्राथमिकता रहती है। वहीं जिले के ग्रामीण थानों में भी लंबित मामलों की संख्या है लेकिन यह शहरी क्षेत्र के थानों से कम है। इसलिए पुलिस दिसंबर माह में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव की मतगणना सम्पन्न कराने के बाद अब लंबित मामलों के निकाल में जुट गई है।

नए मामले दर्ज करने से परहेज

मामलों के निकाल में जुटी पुलिस अभी नए मामले दर्ज करने से भी परहेज कर रही है। कई मामलों में फरियादियों से शिकायत लेकर जांच का बहाना बनाया जा रहा है तो कई मामलों में फरियादियों को एक जनवरी के बाद आने को कहा जा रहा है। वहीं कई मामलों में फरियादियों को धारा 155 के तहत पुलिस अहस्तक्षेप अपराध का कागज देकर न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी जा रही है। इस समय केवल वही मामले रोजनामचे में दर्ज किए जा रहे हैं। जिनमें कायमी करना जरूरी है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम