सिटी सेंटर क्षेत्र में रहने वाले वाली 30 वर्षीय महिला शिवपुरी लिंक रोड स्थित एक स्कूल में टीचर हैं। 7 जुलाई को उनके फेसबुक पर अपलोड फोटो पर एक फेसबुक आईडी से अश्लील कमेंट्स आए। जब उन्होंने आईडी को चेक किया तो वह उनके ही स्कूल के 8वीं के छात्र की थी।

जिस पर अगले दिन टीचर ने स्कूल पहुंचते ही छात्र को क्लास रूम से बाहर लाकर कमेंट्स के बारे में पूछताछ की। साथ ही उसके परिजन को भी स्कूल में बुलवा लिया। पर छात्र ने काफी पूछताछ के बाद भी कमेंट नहीं करने की बात कही।

इस पर पीड़िता ने मामले की शिकायत सायबर थाने में की। सायबर पुलिस ने मामले की छानबीन की। जिस आईपी एड्रेस से फेसबुक आईडी चलाई गई थी वहां तक पहुंचे। यह एक प्रायवेट बैंक के कर्मचारी की निकली। सायबर पुलिस वहां तक पहुंची तो पता लगा कि इस नंबर से उनका बेटा मोबाइल चलाता है। इसके बाद पुलिस ने उनके बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया। बैंक कर्मचारी का बेटा भी उसी स्कूल में 8वीं का छात्र है जिसमें पीड़िता पढ़ाती है। जब उससे उससे पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई। छात्र ने मैसेज करना कबूल किया। उसने बताया कि एक दिन अपने मोबाइल पर दोस्त की फेसबुक आईडी खोली थी। तभी उसकी आईडी और पासवर्ड सेव कर लिया था। दोस्त को फंसाने मैडम को यह कमेंट किए थे। आरोपी के नाबालिग होने और उसके भविष्य खराब होने के डर के चलते शिक्षिका ने अपनी शिकायत वापस ले ली है।

इंजीनियरिंग छात्रा की फेक आईडी बनाकर कर रहा मैसेज –

शहर के सिटी सेंटर स्थित न्यू कलेक्टर ऑफिस के पीछे एक इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा की किसी ने फेसबुक पर फेक आईडी बना ली। आईडी बनाने वाले ने छात्रा के वॉटसएप प्रोफाइल से डीपी पर लगा फोटो निकालकर फेक आईडी में लगाकर अश्लील कमेंट और किए और लोगों से अपने एडिट किए फोटो पर कमेंट मांगे। छात्रा को गुरुवार को मामले का पता लगा तो छात्रा ने सायबर थाना पहुंचकर शिकायत की है।