
नेशनल डेस्क: उच्चतम न्यायलय ने दहेज उत्पीड़न मामले (498 A) में अपना ही फैसला बदल दिया है। कोर्ट ने परिवार को मिला सेफगार्ड खत्म कर दिया है, जिसके तहत दहेज प्रताड़ना केस में पीड़ित महिला के पति और उसके ससुरालियों पर केस दर्ज होने के तुरंत बाद उनकी गिरफ्तारी की जा सकेगी।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम.खानविलकर और जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि शिकायतों के निपटारे के लिए परिवार कल्याण कमेटी की जरूरत नहीं है। उन्होंने मामले में आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाते हुए कहा कि पीड़ित की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है।








