मध्यप्रदेश

दर्दनाक हादसा: इंदौर का परिवार हादसे का शिकार, पति-पत्नी और बच्ची की मौत

देवास। इंदौर-बैतूल हाईवे पर करनावद फाटा एवं भमौरी चौकी के बीच सोमवार दोपहर करीब तीन बजे डंपर व कार की आमने सामने की भिड़ंत हो गई। दर्दनाक हादसे में दंपति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि छह वर्षीय बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार इंदौर से पिपरिया जा रहा था।

जानकारी के अनुसार इंदौर के सुदामा नगर निवासी राजेश पिता गंगाधर वर्मा (35), पत्नी सविता (30) व बेटी आराध्या (6) के साथ इंडिगो कार से अपने ससुराल पिपरिया जा रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब तीन बजे करनावद फाटा व भमौरी चौकी के बीच हीरापुर के समीप नेमावर की ओर से आ रहे बालू से भरे डंपर (एमपी-09, एचएच-5872) से कार की आमनेे-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसा इतना खतरनाक था कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार सवार उसमें फंस गए। उधर टक्कर के बाद डंपर भी रोड से नीचे उतर गया।

हादसा देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हादसे में राजेश व उनकी पत्नी सविता की मौके पर ही मौत हो गई जबकि आराध्या गंभीर रुप से घायल हो गई। सूचना पर पुलिस सहायता केंद्र करनावद प्रभारी सुरेश कैथवास व डायल-100 स्टाफ मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से मशक्कत के बाद राजेश व सविता के शव व घायल बच्ची को बाहर निकाला जा सका। बच्ची को निकालकर इंदौर के इंडेक्स अस्पताल जबकि पति-पत्नी के शवों को बागली अस्पताल भेजा गया। वहां पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।

शाम को बच्ची की भी मौत

उधर शाम करीब छह बजे उपचार के दौरान छह वर्षीय मासूम आराध्या ने भी दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन बदहवास हो गए।

मौके पर लगा जाम

दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर जाम लग गया। चापड़ा एवं इंदौर की तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा रहा। पुलिस ने एक-एक कर वाहनों को निकाला और जाम खुलवाया।

मौके पर पहुंचा भाई हुआ बदहवास

उधर पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। इस पर राजेश के भाई राकेश वर्मा मौके पर पहुंचे। हादसे में भाई व भाभी की मौत से राकेश बदहवास हो गए। घटनास्थल पर पहुंचे हाटपीपल्या टीआई मुकेश ईजारदार ने बताया परिवार पिपरिया जा रहा था। संभवत: ओवरटेक के दौरान कार और डंपर की भिड़ंत हुई है। बागली अस्पताल में पीएम के बाद दंपति के शव परिजनों को सौंप दिए हैं। बालिका की भी उपचार के दौरान मौत होने की सूचना मिली है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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