कटनी। नई नगर निगम परिषद अब 45 की बजाय 60 पार्षदों की होगी। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कटनी नगर निगम सीमा क्षेत्र में 10 गांव बढ़ जाने के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 60 हो जाएगी। खबर है कि राज्य शासन ने कटनी नगर निगम क्षेत्र के सीमावृद्घि प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए इस आशय की सूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। पूर्व में नगर निगम परिषद में सीमावृद्घि का प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे आगामी कार्यवाही के लिए कलेक्टर के पास भेजा गया था। कलेक्टर ने इसका परीक्षण कर राज्यशासन के पास भेजा। सूत्रों के मुताबिक बीच में लोकसभा चुनाव की आचार सहिता लगने के कारण इसकी प्रक्रिया शिथिल हो गई थी बाद में पुनः इस पर काम शुरू हुआ। सीमावृद्घि प्रस्ताव पर कोई आपत्ति न आने की वजह से इसका राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। नई सीमावृद्घि के साथ वार्डों की संख्या बढ़ेगी और शहर अब 60 वार्डों का हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम चुनाव इसी साल के अंत में होना है। नवंबर में संभावित नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए सीमावृद्घि एवं परिसीमन प्रस्तावों का निराकरण तेजी से किया जा रहा है। बताया जाता है कि नगर निगम परिषद में 10 गांव जोड़े जाने का जो प्रस्ताव पारित हुआ था उसके बाद इसे कलेक्टर के पास भेजा गया था। नियम-3 के अनुसार कलेक्टर ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर इसका प्रारंभिक प्रकाशन कराया। इसके बाद इसे राज्यशासन के पास भेजा गया। उल्लेखनीय है कि शहरी सीमा से सटे गांवों को शहरी निवेश क्षेत्र का दर्जा हासिल होता है। अब नगरीय सीमा में शामिल होने के बाद इन ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं भी मिलने लगेंगी। सीमावृद्घि का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन था। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने की वजह से इस पर अगली प्रक्रिया शिथिल हो गई थी जो आचार संहिता हटने के बाद तेज हुई। बताया जाता है कि शासन ने सीमावृद्घि के प्रस्ताव पर आपत्तियां आमंत्रित की थी, लेकिन कोई आपत्ति न आने की वजह से 10 ग्रामों को कटनी नगर निगम सीमा क्षेत्र में शामिल होने से संबंधित सूचना का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया।
ये गांव होंगे शामिल
नगर निगम की सीमा में चाका, लमतरा, घटखिरबा, कैलवाराखुर्द, टिकरिया, जुहला, मझगवां फाटक, हिरवारा, देवरी, कछगवां, इमलिया, गुलवारा, पिपरिया, गाताखेड़ा और छहरी शामिल होंगे।
इन इलाकों को मिलाकर नये वार्ड बनेंगे। वर्तमान में नगर निगम सीमा क्षेत्र में 45 वार्ड हैं। ये गांव जुड़ जाने से वार्डों की संख्या 60 हो जाएगी। नए ग्राम शामिल होने के बाद नगर निगम सीमा क्षेत्र का भौगोलिक नक्शा बदल जाएगा। अब उत्तर में ग्राम खड़ौला, पूर्व में ग्राम पौंड़ी, दक्षिण में पिपरौंध व पश्चिम में ग्राम भरवारा तक नगर निगम की सीमा होगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में नगर निगम का क्षेत्रफल 68.57 प्रतिशत था। उत्तर में पुरैनी संपूर्ण राजस्व ग्राम, पूर्व में खिरहनी, दक्षिण में कछगवां स्थित नाले के सहारे निवार नदी संगम तक, पश्चिम में झिंझरी अमकुही व संपूर्ण राजस्व ग्राम पहरूआ था। सूत्रों के मुताबिक नए गांव शामिल करने के अलग-अलग कारण सामने आए हैं। किसी क्षेत्र को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था तो कहीं विकास नहीं हो पा रहा था। ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द, गुलवारा सहित अन्य 10 पंचायतों के ग्रामीणों ने विकास कार्य न होने को लेकर अपनी आपत्ति दाखिल कराई थी। बदलेगा चुनावी नजारा
इसी साल के अंत में नगरीय निकाय चुनाव होने हैं। वार्डों की संख्या बढ़ती है तो चुनाव का नजारा भी बदला हुआ होगा। महापौर चुनाव का क्षेत्र भी 60 वार्डों का हो जाएगा। राजनैतिक दलों ने इस संभावना को देखते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिन क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में मिलाया जा रहा है वहां भी पार्टी के लोग पार्षद चुनाव के लिए सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक यदि कोई कानूनी अड़ंगा न आया तो 74वें संविधान संशोधन के मुताबिक नगरीय निकाय चुनाव समय पर ही होंगे।
