हादसों के बाद भी मौन जिम्मेदार, यही है बरही मेरी जान..?

बरही। तस्वीर खुद वयां कर रही है कि किस कदर लोगो की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जानबूझकर मौत की ओर धकेला जा रहा है। लोडरो में यात्रियों को ठूस-ठूस कर भरा जा रहा है।
यह नजारा कटनी जिले के मैहर-डोली मार्ग स्थित बरही के बस स्टैंड में आम हो चुका है, बावजूद इसके कोई भी जिम्मेदार इन्हें रोकने-टोकने अपनी जिम्मेदारी का प्रयास करना तो दूर सभी सबकुछ देखकर भी न जाने क्यों खामोश है, मौन है। शायद जिम्मेदार सिर्फ हादसा होने का ही इंतजार करते है कि कब हादसा हो और मरने वालों व घायलों को अस्पताल पहुचाने का काम करें।
बरही के अघोषित बस स्टैंड की बिगड़ैल यातायात व्यवस्था व दिनभर लगने वाले जाम व आटो, मैजिक व लोडरो में यात्रियों को क्षमता से एक-दो नही 4 गुना अधिक भरने के लिए जैसे पूरी तरह से ठेका दे दिया गया है, इन पर नकेल कसने एक भी जिम्मेदार मैदान में नही दिखाई पड़ता। लगने वाले जाम से राहत पहुचाने किसी भी तरह के प्रयास नही किए जा रहे है।
खासतौर पर बरही बस स्टैंड मैहर मार्ग में भाड़ी भीड़, सड़क किनारे खड़े वाहनों व लग रहे जाम से दिनभर खतरा मंडराता रहता है। हालांकि शनिवार को मैहर मार्ग में हुए सड़क हादसे में घायलों को समय पर उपचार पहुचाने पूरी तन्मयता व तत्परता के साथ पूरा बरही पुलिस अमला, राजस्व अमला, नगर के जागरूक युवा, समाजसेवी टूट पड़े, फिर भी 5 लोग हादसे की बलि चढ़ गए। इस तरह का हादसा भगवान न करे बरही बस स्टैंड में हो, लेकिन जिस तरह से यहां दिनभर विपरीत स्थिति निर्मित रहती है, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभाए, जिससे आमजन को राहत मिले। यातायात सुचारू बने।








