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डोकलाम के पास निर्माण को चीन ने बताया अपना अधिकार

नई दिल्ली। डोकलाम में गतिरोध स्थल पर भले ही यथास्थिति बरकरार हो, उसके पास ही हो रही निर्माण गतिविधियों का चीन न सिर्फ अक्खड़पन से दावा कर रहा है, बल्कि इसे अपना संप्रभु अधिकार भी बता रहा है। चीन ने कहा है कि वह अपनी जमीन पर अपनी सेना और वहां रह रहे लोगों की सुविधा के लिए निर्माण कर रहा है। इसमें सड़क भी शामिल है। वहीं भारत की ओर से भी फिर से दावा किया गया है कि विवादित स्थल पर यथास्थिति बरकरार है और दोनों देशों के बीच किसी भी मुद्दे को सुलझाने के लिए तय व्यवस्था व प्रक्रिया अपनाई गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत डोकलाम पर सतर्कता से नजर रख रहा है।

गौरतलब है कि कथित रूप से सेटेलाइट तस्वीरों में यह दिखाया गया था कि चीन डोकलाम में निर्माण कार्य कर रहा है। भारत की ओर से इसका खंडन किया गया था और कहा गया था कि जो गतिरोध का स्थान है वहां यथास्थिति बरकरार है।

शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने उन सेटेलाइट तस्वीरों के बारे में तो किसी जानकारी से इन्कार किया लेकिन यह जरूर कहा कि वह अपनी जमीन पर जवानों के लिए निर्माण कर रहे हैं और यह उनका हक है। चीन ने कहा कि जिस तरह भारत के क्षेत्र में हो रहे निर्माण का विरोध नहीं करते हैं, उसी तरह उन्हें भी नहीं बोलना चाहिए। चीन ने डोकलाम पर अपने अधिकार की बात भी कही और यह भी कहा कि भूटान भी इसे मानता है।

ध्यान रहे कि एक दिन पहले भारतीय सेना के प्रमुख बिपिन रावत ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि चीन की तरफ कुछ अस्थायी निर्माण हुए हैं। रावत के इस बयान पर कि डोकलाम एक विवादित इलाका है, चीन के प्रवक्ता ने कहा कि “भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के इस बयान से साफ है कि उन्होंने सीमा पार की थी और इसने भारत व चीन के रिश्तों को मुश्किल में डाल दिया था। हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय पक्ष इससे कुछ सबक लेगा।”

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने सधे और संयमित लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा- भारत ऐसे सभी पहलू पर पूरी सतर्कता से नजर रख रहा है जिससे भारतीय हित और सुरक्षा के मसले जुड़े हैं। जनरल रावत के बयान पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार किया।

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