डॉक्टरर्स ना होने से आयुर्वेद में लटका पीजी कोर्स
जबलपुर नगर प्रतिनिधि। प्रदेश में भोपाल, रीवा, ग्वालियर, उज्जैन के शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों के अलावा निजी आयुर्वेद कॉलेजों में रतलाम, इंदौर, भोपाल में पीजी कोर्स चल रहा है। शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में अभी केवल बीएएमएस कोर्स चल रहा है। प्रदेश के शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों में पीजी की 64 सीटें हैं और निजी आयुर्वेद कॉलेजों में 88 सीटें हैं
शासकीय आयुर्वेद कॉलेज जबलपुर में दस आयुर्वेदिक डॉक्टर्स की भर्ती हो जाए तो यहां पीजी कोर्स शुरू हो सकता है
पीजी कोर्स तीन साल का होता है लेकिन कई बार छात्र तीन साल से अधिक समय में इस कोर्स को उत्तीर्ण नहीं कर पाते। इससे अब इन्हें 6 साल से अधिक समय नहीं दिया जाएगा।
सभी आयुर्वेद पोस्टग्रेजुएट कॉलेजों में तीन साल के आयुर्वेद पीजी कोर्स को अधिकतम 6 साल में पूरा करना होगा। जो स्कॉलर्स आयुर्वेद पीजी 6 साल में पूरा नहीं कर सकेंगे उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा
वहीं अधिकारी वर्ग का कहना है कि शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज जबलपुर को यदि 10 आयुर्वेद डॉक्टर्स मिल जाएं। तो यहां पीजी कोर्स शुरू हो सकता है। नए नियम के अनुसार जिन कॉलेजों में पीजी कोर्स चल रहा है वहां के छात्रों को अधिकतम 6 साल में यह कोर्स पूरा करना होगा।








