ठसाठस भरी थी ट्रेन, भीषण गर्मी में दम घुटने से 6 माह की बच्ची की मौत
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद में शुक्रवार को क्षमता से अधिक लोगों से भरी रेल में ज्यादा गर्मी से एक छह माह की बच्ची की मौत हो गई. बच्ची ब्रह्मपुत्र मेल के स्लीपर कोच में अपने माता-पिता के साथ जा रही थी. पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि रेल का कोच यात्रियों से भरा पड़ा था और अत्यधिक गर्मी में दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई. हालांकि रेलवे ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है.
रेलगाड़ी असम के डिब्रूगढ़ से दिल्ली जा रही थी. बच्ची की मौत से व्यथित परिजनों का आरोप है कि रेलगाड़ी इलाहाबाद में दो घंटे से अधिक समय तक रुकी, जिससे बच्ची की हालत खराब हो गई. सह-यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सा सहायता के अनुरोध के बावजूद, ट्रेन टिकट कलेक्टर समेत किसी ने भी उनकी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया.
यात्रियों ने किया हंगामा
जब रेल इलाहाबाद पहुंची, तो यात्रियों ने शोर मचाया, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया. यह परिवार उत्तर प्रदेश के मुगलसराय जिले से है. यात्रियों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 8 बजे उन्होंने रेलवे कर्मचारियों को बताया कि बच्ची की तबीयत बहुत खराब है. यात्री बच्ची को लेकर डफरिन हास्पिटल पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बच्ची की मौत पर योत्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया. उधर, इस घटना में रेलवे ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है.
रेलवे ने किया खंडन
उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि ये यात्रीगण बिहार के भभुआ के निवासी हैं. इन्होंने सुबह 8:38 बजे इलाहाबाद जंक्शन पर डिप्टी एसएस कामर्शियल से संपर्क कर बताया कि बच्चे की तबियत बहुत खराब है. मालवीय ने बताया कि डिप्टी एसएस ने तुरंत रेलवे अस्पताल को सूचित किया और 8:49 बजे डाक्टर महेश स्टेशन पर पहुंचे, लेकिन यात्रीगण बच्चे को लेकर डफरिन अस्पताल चले गए जहां पर डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.
रेलवे की ओर से लापरवाही के आरोपों पर उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गौरव कृष्ण बंसल ने कहा, “जैसे ही हमें बच्चे की बीमारी के बारे में पता चला, रेलवे ने तत्काल कार्रवाई








