Sunday, May 17, 2026
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मध्यप्रदेश

जीएसटी का अनूठा विरोध, महिलाएं पीएम मोदी को भेजेंगी 1000 सेनेटरी नैपकिन

ग्वालियर। सेनेटरी नैपकिन को जीएसटी के दायरे से बाहर करने के लिए लगातार बातें हो रही हैं। नेताओं से लेकर महिला संगठन लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्वालियर की महिलाओं ने सेनेटरी नैपकीन को कर मुक्त करने के लिए अभियान चलाया है। इसके तहत ये महिलाओं के हस्ताक्षर वाले और मैसेज वाले एक हजार सेनेटरी नैपकीन और पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजेंगी।

दरअसल सेनेटरी नैपकीन को जीएसटी के दायरे में लिया गया है और उस पर 12 फीसदी टैक्स लगा है। इस कारण उसकी कीमतें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ ग्वालियर की एक महिला संगठन ने अगुवाई करते हुए अभियान चलाया है जिसमें बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स भी जुड़ गई हैं।

नैपकिन पर लिखे जाने वाले मैसेज में जहां महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है वहीं उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने को भी कहा जा रहा है। इन तमाम मैसेज को सेनेटरी नैपकिन पर लिखकर इकट्ठा किया जा रहा है और बाद में इन्हें प्रधानमंत्री मोदी को भेजा जाएगा। ये अभियान 4 जनवरी से शुरू किया गया और महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए इसे आगे बढ़ा रही हैं।

yashbharat

12 प्रतिशत है जीएसटी

महिलाओं के मुताबिक सेनेटरी नैपकिन पर 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है जिससे उसकी कीमत बढ़ गई है। ये जरुरी और आवश्यक सामग्री में आती हैं और इसकी जरुरत महिलाओं को नियमित तौर पर रहती है। यदि ये महंगा कर दिया तो महिलाएं इसका उपयोग करना बंद कर देंगी जो सीधे उनके स्वास्थ्य पर असर करेगा।महिलाएं ये भी तर्क दे रही हैं कि देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करती हैं जिससे वे कई तरह की संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त होती हैं।

महिलाओं का कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े वस्तुओं पर सब्सिडी मिलना चाहिए, लेकिन इसके विपरित यहां टैक्स लगा दिया गया। इस आवश्यक वस्तु को लग्जरी आइटम की श्रेणी में रखा गया है। इस अभियान के तहत 3 मार्च तक सरकार को 1000 नेपकिन पैड भेजे जाएंगे।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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