जानें कौन थे कांची पीठ के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती, क्यों रहे चर्चा में
नई दिल्ली। कांचीपुरम मठ के 82 वर्षीय शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. जानें उनके बारे में कुछ प्रमुख बातें.


तमिलनाडु के कांचीपुरम नगर में स्थित कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती का बुधवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.


जयेन्द्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य थे. वो 82 वर्ष के थे.


शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती 1994 में कांची कामाकोटी पीठम मठ के 69वे शंकराचार्य बनाए गए थे.


जयेंद्र सरस्वती पर 2004 में अपने ही वरदराजपेरूमल मंदिर के प्रबंधक शंकररमण की हत्या का आरोप लगा था. हालांकि 9 साल तक चले मामले के बाद कोर्ट ने 2013 में उन्हें बरी कर दिया था.


पीठ के शंकराचार्य के पद पर आसीन होने से पहले उनका नाम सुब्रहमण्यम था. उन्हें वेदों का ज्ञाता माना जाता था


2003 में उन्हें कांची पीठ के शंकराचार्य के पद पर आसीन हुए पचास वर्ष हो गए थे. वो श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती स्वामीगल के बाद इस शैव मठ के प्रमुख बने थे. (image credit: File photo)








