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जांच हुई पूरी यश भारत के उठाए प्रश्र सही साबित:10 विद्यार्थी तीन शिक्षक मामला

यश भारत खबर का असर
जबलपुर प्रतिनिधि।घमापुर स्थित शीतलामाई क्षेत्र में स्थित शासकीय बालक प्राथमिक शाला में व्याप्त स्थितियों को पूर्व में यश भारत ने प्रमुखता से उठाया था यहां स्थिति यह थी कि शाला की सभी कक्षाओं में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं की संख्या महज आठ या दस रहा करती है वही इन्हें पढ़ाने के लिए शाला में तीन शिक्षकों को नियुक्त किया गया है मामलें में जिला शिक्षा अधिकारी पुरषोत्तम तिवारी द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे। ये जांच गोकलपुर प्राचार्य श्री सत्येन्द्र सिंह एवं ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर बागड़ी द्वारा अलग-अलग समय पर शाला में पहुंचकर की गई। जांच के दौरान इन जांचकर्ताओं ने यश भारत द्वारा उठाए गए सभी प्रश्रों क ो सही पाया गया। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी तिवारी ने आदेश जारी किया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा घटती छात्रों की संख्या को बढ़ाया जाए अन्यथा इस सत्र के बाद कड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
सही पायी गई आसपास की स्थितियां
यश भारत द्वारा स्कूल में छात्रों की घटती संख्या के कारणों को भी देखा जिसमें पाया गया कि अपराधिक तत्वों व अवैध शराब बेचने वालों ने इस स्कूल की दुर्दशा कर रखी है । नशेडिय़ों द्वारा यहां आए दिन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता है। राजनैतिक संरक्षण प्राप्त इन तत्वों पर पुलिस भी नकेल कसने में नाकाम साबित हुई है।
स्कूल शिक्षिकाओं ने उठाया परिस्थियों का लाभ
स्कूल में व्याप्त इन कुसंगतियो का यहां पदस्थ शिक्षिकाओं ने भी भरपूर लाभ अपने आरामतलबी में उठाया। छात्रों की कम संख्या ने जहां इन्हें पढ़ाई की झंझट से मुक्त कर दिया वही शाला संचालन के समय अपने निजी कामों को करने की तरजीह दी गई। शिक्षाा विभाग तक परिस्थितियों की जानकारी दी जाती तो समस्या का निवारण भी किया जा सकता था।
घमापुर पुलिस भी निष्क्रिय
अवैध शराब बेचने वालों पर पुलिस की विशेष मेहरबानी के चलते यहां की स्थितियां और दुरूह होती गई। अवैध शराब छुपाने के अड्डे के रूप में इस शाला का उपयोग किया जाता रहा जो पुलिस की जानकारी में भी रहा लेकिन इन तत्वों पर पुलिस द्वारा नकेल नही कसी गई जिस कारण छात्र-छात्राएं यहां से पलायन करते रहे।
क्या बंद हो सकता है संचालन
जिला शिक्षा अधिकारी से जब स्कूल के भविष्य को लेकर जानकारी जी गई तो उनका कहना था कि स्कूल में शिक्षिकाओं को निर्देशित किया गया है कि अगर इस सत्र में छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्वि नही हुई तो शिक्षा विभाग कड़ा निर्णय ले सकता है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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