
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा में पास हो गया है। इस बिल के पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े। तकनीकी की खराबी की वजह से बटन की बजाय पर्ची से वोटिंग की गई। इसके साथ ही राज्यसभा में जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन बिल भी पास हुआ है। बिल पास होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने गृहमंत्री शाह को बधाई दी है।
इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बहस पर जवाब देते हुए कहा कि धारा 370 और 35A पर काफी बातें कही गई। देशभर में पाकिस्तान से शरणार्थी आए। लेकिन कश्मीर आए शरणार्थियों को अभी तक नागरिकता नहीं मिली। इसलिए इसके पक्ष में खड़े लोगों को जबाव देना चाहिए। यह धारा अच्छी थी तो सबके लिए अच्छी थी बुरी थी तो सबके लिए बुरी थी। हम धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं।जम्मू-कश्मीर की गरीबी के लिए धारा 370 जिम्मेदार है और आतंकवाद की जड़ भी यही है। केंद्र ने कश्मीर के विकास पर अरबों रुपए खर्च किए, लेकिन फिर भी जमीनी हकीकत नहीं बदली। जम्मू कश्मीर में नेता कश्मीर के लिए नहीं, उनके खिलाफ चल रही जांच पर हो-हल्ला मचा रहे हैं। उद्योग और पर्यटन पर चोंट की वजह भी धारा 370 है। क्षेत्र में पर्यटन की औद्योगिक विकास की संभावना है। धारा 370 से आम लोगों का नही कुछ लोगों का भला होने वाला है।
जब कोई डॉक्टर वहां रहकर नागरिकता नहीं ले सकता दूसरी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता तो वह कश्मीर में क्यों जाएगा? इस वजह से कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाएं खस्ता हाल है। यदि किसी के नाम पर संपत्ति नहीं हो सकती तो कोई व्यक्ति वहां पर निवेश क्यों करेगा। धारा 370 हटने के बाद जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा पूरी तरह से बन जाएगा। सरकार कानून सरकार चलाने के लिए नहीं बल्कि नागरिकों के भले के लिए बनाती है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर धरती का स्वर्ग था और रहेगा। इसको हम देश का बेहतर राज्य बनाएंगे। यह हमेशा केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा। हालात सामान्य होने पर इसको राज्य बनाने पर विचार किया जाएगा। सदन में काफी सारे लोगों ने इसके पक्ष में भाषण दिया। पूरे देश की जनता का विश्वास है कि धारा 370 के हटाने से कश्मीर का भला हो जाएगा।








