जबरदस्त गुरुत्वाकर्षण शक्ति होती है MRI में, इन बातों का हमेशा रखें ध्यान
हैल्थ डेस्क। शनिवार को मुंबई के नायर अस्पताल में एमआरआई मशीन में फंसकर हुई एक शख्स की मौत के बाद इस मशीन को लेकर लोग डरे हुए हैं। ये कोई पहला मौका नहीं है, जब कोई इंसान एमआरआई मशीन में फंसा हो।
इससे पहले मुंबई के खारघर में मौजूद टाटा हॉस्पिटल में इसी तरह के हादसे में दो लोग बाल-बाल बच गए थे। ऐसे में एमआरआई कराने से पहले आप किस तरह की सावधानी बरतें, ये हम आपको बताने जा रहे हैं।
ऐसे काम करती है MRI मशीन-
एमआरआई को मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेंजिग कहा जाता है। ये मेडिकल इमेजिंग की ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए डॉक्टर शरीर के भीतर के अंगों की थ्री डी तस्वीर लेते हैं और बीमारियों के बारे में पता करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तकनीक का इस्तेमाल दिमाग, रीढ़ और हड्डियों में होने वाली बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा छाती, लिवर और दूसरे जरूरी अंगों की जांच के लिए भी इसका अब इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में बीमारी के बारे में सटीक जानकारी हासिल करने के लिए ये मशीन किसी वरदान से कम नहीं है।
जबरदस्त गुरुत्वाकर्षण शक्ति होती है MRI में-
विशेषज्ञों के अनुसार, एमआरआई मशीन अपने आस-पास इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाती है। आजकल एमआरआई के लिए 1.3 से 3 टैक्सला मशीन इस्तेमाल हो रही है। इसमें पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण ताकत से 60 हजार गुना ज्यादा तेजी से चीजों को खींचने की शक्ति होती है। एमआरआई मशीन मिसाइल जितनी स्पीड से लोहे को अपनी ओर खींचती है। ऐसे में अगर सिलेंडर हो, वह भी किसी शख्स के हाथ में तो मशीन उसे और भी तेजी से खींच लेगी। मगर जरा सी लापरवाही लोगों की जान के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
बंद होने के बाद भी चुंबकीय शक्ति रहती है-
वॉर्ड बॉय की लापरवाही से नायर हॉस्पिटल में ऐसा हादसा हुआ। दरअसल वॉर्ड बॉय ने मरने वाले शख्स को कहा कि एमआरआई रूम में ऑक्सीजन सिलेंडर ले जा सकते हैं। क्योंकि मशीन बंद है। मगर मशीन बंद होने के बाद भी इसमें लंबे वक्त तक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रहती है। इस वजह से मशीन ने सिलेंडर के साथ ही उस शख्स को अपनी तरफ खींच लिया।
एमआरआई मशीन चौबीसों घंटे चालू रहती है। ऐसे में अगर मशीन का मैग्नेट नहीं भी काम कर रहा हो, तो भी मशीन में चुंबकीय प्रभाव खत्म नहीं होता है। किसी भी तरह की इमर्जेंसी के दौरान मशीन में एक इमरजेंसी बटन रहता है, जिसे बंद करते ही मशीन पूरी तरह बंद हो जाती है।
इन बातों का हमेशा रखें ध्यान-
- एमआरआई रूम में जाने से पहले किसी भी तरह का धातु( मेटल) अपने साथ न रखें। बेल्ट, अंगूठी, ब्रेसलेट और गले में पहनी हुई चेन तक उतार दें।
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वॉल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने के बाद न कराएं एमआरआई
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जिन मरीजों को पेसमेकर लगा है, उनकी एमआरआई नहीं होती है।
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क्रेडिट, डेबिट कार्ड लेकर भी न जाएं एमआरआई रूम में
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सिगरेट लाइटर के अलावा धातु की कोई भी चीज अंदर न ले जाएं
पहले भी हो चुके हैं हादसे-
साल 2001 में न्यूयॉर्क में एमआरआई मशीन की चुंबकीय शक्ति ने गैस सिलेंडर को अपनी तरफ खींच लिया और ये रूम के अंदर मौजूद बच्चे के सिर पर लग गया। जिससे उसकी मौत हो गई। ऐसा ही एक हादसा एक महिला के साथ हुआ। एमआरआई रूम में जाने से पहले एक महिला मरीज ने अपना हेयरपिन नहीं निकाला था। मैग्नेटिक फील्ड के संपर्क में आते ही वह हेयरपिन महिला के बालों से निकलकर नाक से होते हुए उसके गले में जा फंसा। महिला की जान बचाने के लिए उसकी सर्जरी करनी पड़ी थी।








