जनसंख्या पर लगाम कसने कटनी के नागरिक ज्यादा जागरूक, नसबंदी में जबलपुर को पीछे छोड़ा
जबलपुर, कटनी। कटनी के नागरिक जनसंख्या विस्फोट को रोकने की जिम्मेदारी में ज्यादा खरे उतरे। दोनों जिलों ने राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम (नसबंदी) में जबलपुर को पछाड़ते हुए आसपास के 8 जिलों में बाजी मारी है। खास बात यह है कि डिंडौरी ने निर्धारित समयावधि से दो माह पहले न सिर्फ लक्ष्य को हासिल किया बल्कि उससे भी आगे (107 प्रतिशत) निकल गया। वहीं जबलपुर में 71 प्रतिशत, बालाघाट 63 प्रतिशत, छिंदवाड़ा 62, कटनी 76, मंडला 63, नरसिंहपुर 71 तथा सिवनी में लक्ष्य के मुकाबले 69 प्रतिशत नसबंदी हो पाई है। हालांकि जनसंख्या नियंत्रण के इस अभियान में पुरुषों की भागीदारी निराशाजनक है। महिलाओं की तुलना में 10 फीसद पुरुष भी नसबंदी कराने सरकारी अस्पताल नहीं पहुंचे।
ज्यादा बेटों की चाहत में नसबंदी से दूर भागने वाले परिवारों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि दो बच्चों के बाद नसबंदी का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। 2 प्रतिशत ऐसे लोग भी सामने आए जिनके परिवार में सिर्फ बेटियां हैं और दंपति में से किसी एक ने नसबंदी करा ली। डॉक्टर कहते हैं कि प्रायः सभी अभिभावक बच्चों की बेहतर परवरिश के पक्ष में रहते हैं। इसके लिए बच्चों की सीमित संख्या पर जोर देते हैं। जिन परिवारों में आमदनी के साधन सीमित हैं और बच्चों की संख्या ज्यादा वहां परवरिश का संकट सामने आता है।
आंकड़ों पर एक नजर (1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2020)—
जिला वार्षिक लक्ष्य उपलब्धि
बालाघाट 11725 7416
छिंदवाड़ा 14406 8889
डिंडौरी 4854 5197
जबलपुर 16972 12014
कटनी 8902 6767
मंडला 7268 4606
नरसिंहपुर 7523 5304
सिवनी 9502 6515

