पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृष्णा नगर श्यामला हिल्स के रहने वाले राजेश यादव के घोड़े में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई थी। इसके सैंपल जांच के लिए हिसार स्थित केन्द्र सरकार की पशु चिकित्सा लैब में भेजे गए थे। बता दें कि सबसे पहले मई में एक काजी कैंप में एक घोड़े में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई थी। इसके बाद यहां से 10 किमी के दायरे में आने वाले अश्व प्रजाति के 260 जानवरों के नमूने लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट आ चुकी है।

शादी व परेड में तीन महीने तक रहेगी रोक

भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. डीके राय ने कहा कि पहला घोड़ा संक्रमित मिलने के बाद रोकथाम के लिए गजट अधिसूचना के द्वारा शादी, परेड व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में घोड़ों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। पहले सैंपल से तीन महीने बाद दोबारा नमूने लिए जाएंगे। रिपोर्ट निगेटिव आने पर प्रतिबंध हटेगा। यह रिपोर्ट अक्टूबर में आने की उम्मीद है।

क्या है ग्लैंडर्स

राज्य पशु चिकित्सालय में डिप्टी डायरेक्टर डॉ.एचएल साहू ने बताया कि ग्लैंडर्स बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है। यह घोड़ों से गधों व मनुष्य में फैलती है। संक्रमित होने पर नाक बहना, शरीर में फोड़े, बुखार आदि लक्षण दिखते हैं। मवाद के साथ ही नाक से निकलने वाले फ्लूड के संपर्क में आने से यह बीमारी फैलती है।