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गजब..! 10वीं के छात्र ने बनाया UP डीजीपी का फेक ट्विटर अकाउंट, अधिकारियों को देता रहा आदेश

इंटरनेट डेस्क। 10वीं में पढ़ने वाला एक छात्र यूपी डीजीपी के नाम से टि्वटर हैंडल चला रहा था. यही नहीं, पुलिस अधिकारी उस टि्वटर अकाउंट से मिल रहे आदेशों का पालन भी कर रहे थे. गोरखपुर पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है. जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी मामले में पुलिस के एक्शन न लेने से तंग आकर बच्चे ने उत्तर प्रदेश डीजीपी ओम प्रकाश सिंह के नाम से फेक अकाउंट बनाया था. बच्चे के भाई से दुबई में नौकरी दिलवाने के नाम पर 45 हजार रुपये ठग लिए गए थे. वो इस मामले में पुलिस की सुस्त कार्यवाही से नाराज़ था.

इस मामले में आरोपी और उसके दोस्त को पुलिस ने फेक अकाउंट बनाने के जुर्म में गिरफ्तार किया. हालांकि, डीजीपी के आदेश पर कड़ी चेतावनी देते हुए बच्चे को छोड़ दिया गया.

डीजीपी ने कहा, “हमने बच्चों के प्रति सुधारात्मक रवैया अपनाते हुए उन्हें छोड़ दिया है, क्योंकि उनके खिलाफ किसी भी तरह का एक्शन उनके भविष्य को प्रभावित कर सकता है.”

डीजीपी ऑफिस में एक महीना पहले दर्ज किए गए मामले के बाद बच्चे की इस चालाकी के बारे में पता चला. साइबर सेल ने गोरखपुर जिले में फोन को ट्रेस करते हुए इस साइबर फ्रॉड का पता लगाया. आरोपी बच्चे के भाई को एक शख्स ने दुबई में नौकरी दिलवाने का वादा करके 45 हज़ार रुपये हड़प लिए, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत की लेकिन मामले पर कोई सुनवाई नहीं हुई. गोरखपपुर पुलिस के रवैये से तंग आकर बच्चे ने पुलिस को हरकत में लाने के लिए फेक ट्विटर अकाउंट बनाने का फैसला किया.

बच्चे की तरकीब रंग लाई और यूपी डीजीपी का आदेश मानकर इस मामले में गोरखपुर एसएसपी और लोकल पुलिस हरकत में आई और इस मामले के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया. पुलिस ने बच्चे के बड़े भाई को बाकी पैसे जल्द मिलने का विश्वास दिलवाते हुए 30 हजार रुपये की राशि वापस भी दिलवा दी.

जब गोरखपुर एसएसपी ने कार्रवाई पूरी होने पर डीजीपी को इस बात की जानकारी दी तभी पता चला कि डीजीपी की तरफ से इस तरह का कोई आदेश था ही नहीं, इसके बाद मामले की छानबीन के लिए पुलिस शिकायत दर्ज की गई.

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