खुद को किसान साबित नहीं कर सके मंडी अध्यक्ष, निर्वाचन शून्य
जबलपुर। कृषि उपजमंडी के अध्यक्ष राजाबाबू सोनकर का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया है। कमिश्नर आशुतोष अवस्थी की कोर्ट ने बुधवार को इस बारे में अंतिम आदेश जारी कर दिया। इस मामले में पूर्व कमिश्नर गुलशन बामरा 2017 में ही चुनाव शून्य करने वाले आदेश जारी कर चुके थे, लेकिन इस आदेश को हाइकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कमिश्नर को मंडी अध्यक्ष के बयान लेने और पुनः याचिका निर्धारण के आदेश दिए। बावजूद इसके मंडी अध्यक्ष अपना पक्ष कमिश्नर कोर्ट के सामने नहीं रख सके और पेश होने की जगह उन्होंने आपत्तियां ही दर्ज कराई। कमिश्नर कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि मंडी अध्यक्ष किसान की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसलिए मंडी समिति के कृषक सदस्य के पद का निर्वाचन शून्य घोषित किया जाता है।
ऐसे चला 2013 से मामला
– मंडी अध्यक्ष पद का चुनाव साल 2012 में हुआ था। चुनाव के बाद याचिकाकर्ता शंभूनाथ सोनकर ने कमिश्नर कोर्ट में साल 2013 में याचिका के जरिए मामला दायर किया। जिसमें बताया कि मंडी अध्यक्ष पद के लिए संबंधित व्यक्ति का किसान होना या किसान की श्रेणी में आना जरूरी है। जबकि राजा बाबू सोनकर किसान की श्रेणी में नहीं आते हैं।
– तत्कालीन कमिश्नर गुलशन बामरा ने सभी तथ्यों व सुनवाई के आधार पर 15 फरवरी 2017 को मंडी अध्यक्ष का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया।
– कमिश्नर कोर्ट के आदेश को राजाबाबू ने हाइकोर्ट में चुनौती दी। जिसमें हाइकोर्ट ने 6 अक्टूबर 2017 को आदेश दिया कि कमिश्नर राजाबाबू की गवाही लेकर 3 माह में पुनः आदेश पारित करेंगे।
– इसके बाद भी राजाबाबू ने कमिश्नर कोर्ट में गवाही नहीं दी और न ही वे पेश हुए। लेकिन उनकी तरफ से प्रारंभिक आपत्ति पेश की जा चुकी थी। जिसे कमिश्नर कोर्ट ने 21 फरवरी 2018 और 30 मई 2018 को कमिश्नर ने प्रारंभिक आपत्ति को खारिज कर दिया। यह कहते हुए कि राजाबाबू को अपना पक्ष रखने के कई मौके दिए जा चुके हैं, लेकिन वह गवाही देने नहीं आए।
गवाहों में सभी ने बताई सच्चाई
– कमिश्नर कोर्ट में राजाबाबू सोनकर के व्यापार से जुड़े मामले पर भी कई लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। इनमें जयदीप नायडू उप प्रबंधक एसबीआई ने बताया कि 8 वाहन मेसर्स आरबीएस कन्स्ट्रक्शन के प्रोपराइटर राजाबाबू को लोन दिया गया। इसी तरह दूसरी गवाही जॉन डेविड कमर्शियल ऑटोमोबाइल ने दी और बताया कि राजाबाबू की फर्म से 4 गाड़ियां आरबीएस कन्स्ट्रक्शन को बेची गई। सहायक आयुक्त आबकारी ने भी बताया कि राजाबाबू के ऊपर 18 लाख 27 हजार 986 रुपए बकाया है। बकाया में से 5 लाख 50 हजार रुपए जमा कराए गए हैं। संयज सोनी आरटीओ की गवाही में पता चला कि 8 वाहन में से 4 मैक्सी केब व 4 स्कूल बस हैं। जो कमर्शियल उपयोग में लाई जा रही हैं।
नामांकन में छुपा ली जानकारी
– कमिश्नर कोर्ट के आदेश में यह बात भी स्पष्ट की गई कि राजाबाबू ने किसान नहीं होने की जानकारी नामांकन फार्म और वोटर लिस्ट में भी छिपाई। किसान होने की पुष्टी भी राजाबाबू नहीं कर सके। इसी आधार पर उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया गया।

