धर्म डेस्क। क्या आप जानते हैं कि आपके खाने पीने का संबंध आपके ग्रहों से है। क्या आपने कभी सोचा है कि आपको खाने का विशेष स्वाद क्यों पसंद है। यानी हो सकता है कि किसी को मीठा पसंद आता हो, लेकिन आपको तीखा या तेज मसालेदार खाना ही क्यों पसंद आता है। दरअसल, यह हर व्यक्ति के ग्रहों के आधार पर होता है। यदि कुंडली में शुक्र या चंद्रमा मजबूत होंगे, तो व्यक्ति को रसेदार और मीठी चीजें पसंद आएंगी।
वहीं, यदि व्यक्ति को तीखी और मसालेदार चीजें पसंद आती हैं, तो इसका मतलब है कि उसका मंगल तेज है। ऐसे में यदि आप तीखे मसालों का प्रयोग अपने भोजन में ज्यादा करते हैं तो मंगल ग्रह का प्रभाव आप पर ज्यादा बढ़ रहा है। मंगल का संबंध लाल मिर्च, काली मिर्च, जायफल, लौंग, तीखे मसाले, सरसों का साग, कटहल, सोयाबीन से है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य का संबंध नारियल, खजूर, केसर, बड़ी इलायची से है। चंद्रमा का संबंध पानी वाले नारियल, लीची, खरबूजा, तरबूज, खीरा, नींबू, खुशबूदार बासमती चावल से है। मंगल का संबंध लाल मिर्च, काली मिर्च, जायफल, लौंग, तीखे मसाले, सरसों का साग, कटहल, सोयाबीन से है।
बुध का संबंध सूरन, अदरक, पालक, बथुआ, मेथी, सीताफल, बैंगन, पान और गन्ने से है। गुरु का संबंध अनाज, हल्दी, सिंघाड़े से है। शुक्र का संबंध सभी फूलदार वनस्पति, जमीन के भीतर बढ़ने वाली सब्जियां, जैसे आलू, गाजर, प्याज से है। शनि का संबंध साबुत दालें, कसैले खट्टे स्वाद वाले फल आंवला, संतरा, बेलफल से है।
अथर्ववेद संहिता में कई वनस्पतियों, फलों और सब्जियों को रत्न का दर्जा दिया गया है। यह वनस्पतियां, फल और सब्जियां हमारे शरीर, मन और जीवन के लिए बहुत बहुमूल्य हैं। उनका सही तरीके से प्रयोग किया जाए, तो हम स्वस्थ रहेंगे और अपना कर्म अच्छे से कर पाएंगे।
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