पेरिस की धरती पर गूंजेगा वैदिक मंत्रोच्चार: 5000 वर्ग मीटर में बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर का महंत स्वामी महाराज करेंगे उद्घाटन
पेरिस में BAPS स्वामीनारायण मंदिर का भव्य उद्घाटन: 13 दिवसीय 'संस्कृति महोत्सव' के साथ खुलेगा परिसर
पेरिस की धरती पर गूंजेगा वैदिक मंत्रोच्चार: 5000 वर्ग मीटर में बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर का महंत स्वामी महाराज करेंगे उद्घाटन
पेरिस की धरती पर गूंजेगा वैदिक मंत्रोच्चार: 5000 वर्ग मीटर में बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर का महंत स्वामी महाराज करेंगे उद्घाटन
पेरिस (फ्रांस): फ्रांस की राजधानी पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस (Bussy-Saint-Georges) में BAPS स्वामीनारायण हिंदू मंदिर का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है। यह मंदिर भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक संबंधों, सामुदायिक जुड़ाव और आपसी सौहार्द का प्रमुख केंद्र बनेगा। लगभग 5,000 वर्ग मीटर में फैला यह परिसर सितंबर में आयोजित होने वाले 13 दिवसीय ऐतिहासिक ‘संस्कृति महोत्सव’ के साथ आधिकारिक तौर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
मंदिर की भव्य वास्तुकला व खासियतें
यह मंदिर पारंपरिक भारतीय शिल्पशास्त्र और आधुनिक फ्रेंच इंजीनियरिंग का एक अनूठा संगम है:
शिल्प और संरचना: ऊपरी तल पर पारंपरिक मंदिर और निचले तल पर ‘मारू गुर्जर’ शैली में निर्मित भव्य सांस्कृतिक हवेली बनाई गई है।
शिखर और नक्काशी: परिसर में 5 भव्य शिखर, 10 विशाल गुंबद, 20 नक्काशीदार स्तंभ, 120 नक्काशीदार खिड़कियां, 49 मूर्तिकला पैनल और 4 सुंदर छतरियां शामिल हैं।
दुनियाभर से मंगाए गए पत्थर: इसके निर्माण के लिए ग्रीस, इटली, वियतनाम और भारत से विशेष संगमरमर तथा ग्वालियर से बलुआ पत्थर मंगवाए गए हैं। भारत में कुशल कारीगरों ने इन्हें हाथों से तराशा और फिर फ्रांस भेजकर स्थापित किया।
13 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का पूरा शेड्यूल (2 से 14 सितंबर)
महंत स्वामी महाराज जी के पावन कर-कमलों द्वारा 6 सितंबर को मंदिर का उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होगा। उत्सव की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
तिथि
आयोजन / कार्यक्रम
2 सितंबर
पालकी यात्रा
2 से 13 सितंबर
वैदिक महायज्ञ
3 सितंबर
जल यात्रा
5 सितंबर
नगर यात्रा
6 सितंबर
मूर्ति प्रतिष्ठा एवं समर्पण सभा
13 सितंबर
महंत स्वामी महाराज जन्म जयंती
14 सितंबर
हिंदू सांस्कृतिक उत्सव
महंत स्वामी महाराज का संदेश
महंत स्वामी महाराज जी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में कहा कि इस मंदिर का निर्माण किसी एक समुदाय की पहचान स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि विभिन्न पृष्ठभूमि और सोच के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए हुआ है। हमारे रास्ते भले ही अलग हों, लेकिन सम्मान और सहअस्तित्व की जमीन एक हो सकती है।पेरिस में BAPS स्वामीनारायण मंदिर का भव्य उद्घाटन: 13 दिवसीय ‘संस्कृति महोत्सव’ के साथ खुलेगा परिसर