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खराब चावल वितरण मामला: कटनी के 30 गोदाम में एक लाख क्विंटल चावल सीज

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कटनी. राशन दुकान में गरीबों को जानवरों के खाने योग्य चावल बांटने मामले में केंद्र सरकार की चिट्ठी की जांच के बाद कटनी के तीस गोदाम में लगभग एक लाख क्विंटल चावल सीज कर दिया गया है।

गुरूवार को एफसीआइ की टीम ने एक बार फिर खराब चावल सप्लाई मामले की जांच शुरू की। शाम तक जिले के अलग-अलग गोदाम से नमूने लिए गए। अधिकारियों ने जिन तीस गोदाम से नमूने लिए हैं, वहां चावल का उठाव रोक दिया गया है। यहां नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के क्वॉलिटी इंस्पेक्टर द्वारा चावल की गुणवत्ता पास किए जाने के बाद भंडारण किया गया था।

नान के प्रबंधक पीयूष माली ने बताया कि एफसीआइ की टीम ने गुरूवार को सैंपल ली है। तीस गोदाम के सैंपल लिए जा चुके हैं। इन गोदाम में चावल का भंडारण नान के क्वॉलिटी इंस्पेक्टर (हरिओम सोनकर, प्रकाश वाइकर, सीवी सोनवानी और रोहित तिवारी) द्वारा पास किए जाने के बाद किया गया था।

कटनी सहित जबलपुर जोन के आठ जिलों से 450 नमूनों की होगी जांच
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद उसे मिलिंग के लिए निजी मिलर्स को दिए जाने और मिलर्स से मिलिंग के बाद चावल लिए जाने के दौरान गुणवत्ता में सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बालाघाट और मंडला के तीस नमूने दिल्ली की प्रयोगशाला में फेल होने और चावल की क्वॉलिटी जानवरों के खाने योग्य आने के बाद इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया और प्रदेश के सभी जिलों में चावल के नमूनों की जांच की बात कही। इसी कड़ी में एफसीआइ अधिकारियों ने जांच शुरू की है। इसमें जबलपुर के जोन के आठ जिले (कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर )से 450 नमूने लेकर जांच की जाएगी।

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