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क्या करता है Fino Payments Bank, आज से 2 नवंबर तक IPO में पैसा लगाने का मौका, जानिए एक्सपर्ट्स की राय
Fino Payments Bank
Fino Payments Bank का IPO 29 अक्टूबर से खुल गया है. बैंक ने IPO का प्राइस बैंड 560-577 रुपये प्रति शेयर तय किया है. सब्सक्रिप्शन के लिए इस आईपीओ को 2 नवंबर तक मौका मिलेगा. इसके शेयरों की लिस्टिंग 12 नवंबर को हो सकती है. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक शेयर में लंबी के अवधी के लिए निवेश किया जा सकता है.
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Fino Payments Bank IPO से जुड़ी जरूरी बातें- बैंक ने 1200 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. कंपनी ने आईपीओ को सब्सक्राइब करने के लिए 25 शेयरों का लॉट तय किया है. इसका मतलब हुआ कि प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14425 रुपये का निवेश करना होगा.इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स, 15 फीसदी हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स औऱ 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है.इश्यू का अधिकतम 5 फीसदी हिस्सा एलिजिबल कर्मियों के लिए आरक्षित है.
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आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल बैंक की टियर-1 पूंजी बढ़ाने के लिए किया जाएगा. पिछले वर्ष 2020 में मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ाने वाले बैंकों में तीसरे स्थान पर फिनो पेमेंट्स बैंक को रखा. वहीं क्रिसिल के मुताबिक इसके पास देश भर में माइक्रो-एटीएम का सबसे बड़ा नेटवर्क है और वित्त वर्ष 2021 में डिपॉजिट रेट में बढ़ोतरी के मामले में यह तीसरे स्थान पर रहा.
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आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में कोई एक्टिविटी नहीं दिख रही है लेकिन आईपीओ आने की खबरों पर इसकी पेरेंट कंपनी फिनो पेटेक (Fino Paytech) के शेयर अनलिस्टेड मार्केट में इस साल चार गुना तक मजबूत हो चुके हैं. इसके शेयर अभी 420 रुपये के करीब भाव पर हैं. दोशी के मुताबिक फिनो पेमेंट्स बैंक के ग्रोथ के आसार बहुत हैं लेकिन आईपीओ की प्राइसिंग को देखते हुए लिस्टिंग गेन के आसार कम दिख रहे हैं या बहुत कम गेन हो सकता है. अभय दोशी के मुताबिक इसका बिजनेस मॉडल यूनिक है और इसका मैनेजमेंट भी बेहतर है जिसके चलते लांग टर्म के लिए इसमें बेहतर प्रॉस्पेक्ट्स दिख रहे हैं. फिनो पेमेंट्स बैंक अपनी सेक्टर में इकलौती कंपनी है जो आईपीओ की सफलता के बाद मार्केट में लिस्ट होगी.
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एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिनो पेमेंट्स का आईपीओ वित्त वर्ष 2021 के बुक वैल्यू के 31.9 गुना भाव पर है जो स्ट्रेच्ड दिख रहा है. कंपनी की 95 फीसदी से अधिक आय फीस और कमीशन के जरिए होती है और इसकी ग्रोथ मुख्य रूप से देश में डिजिटल पेमेंट सेग्मेंट में बढ़ती हिस्सेदारी पर निर्भर है.वित्त वर्ष 2021-2025 के बीच डिजिटल पेमेंट्स 25-27 फीसदी की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने के आसार हैं और यह वित्त वर्ष 2025 में 3500 लाख करोड़ रुपये का लेवल पार कर सकता है. मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पिछले दो वर्षों में बनाए गए रिसोर्सेज के दम पर यह आने वाले वर्षों में बढ़ते डिजिटल पेमेंट्स के अवसरों को भुना सकता है.








