मध्यप्रदेश

कोरोना पॉलिटिक्‍स: labour घर वापसी टिकट भाड़े पर सियासत तेज, MP में कांग्रेस-BJP आमने सामने

भोपाल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के बाद कमलनाथ (Kamalnath) के मजदूरों की घर वापसी का किराया (Train Ticket Fare) पार्टी द्वारा वहन किए जाने की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. सोनिया गांधी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि घर लौट रहे मजदूरों से टिकट लेना दुर्भाग्यपूर्ण है और अब प्रदेश में वापसी कर रहे मजदूरों के रेल और बस का खर्चा कांग्रेस पार्टी उठाएगी. कमलनाथ ने कहा है कि अभी भी कई मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. उनकी वापसी को लेकर कांग्रेस पार्टी चिंतित है और किसी भी मजदूर पर ऐसे संकट में रेल या बस का टिकट खर्च का भार नहीं डाला जाएगा.

सीएम शिवराज ने कांग्रेस पर कसा तंज

कांग्रेस पार्टी के मजदूरों के टिकट के पैसों के भुगतान को लेकर लिए गए फैसले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा है. सीएम शिवराज ने ट्वीट कर कहा है कि कोटा में फंसे छात्रों को सरकार अपने खर्च पर वापस ला चुकी है. अब तक एक श्रमिक ट्रेन से मजदूरों को प्रदेश लाया जा चुका है. लेकिन कांग्रेस का फैसला ऋषि कपूर की फिल्म के गाने की तरह है जिसमें कहा गया है मैं देर करता नहीं देर हो जाती है

मजदूरों ने लगाए थे टिकट भाड़े से ज्यादा पैसे ​लेने के आरोप

दरअसल प्रदेश सरकार महाराष्ट्र दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूरों को वापस लौटाने की कवायद में जुटी है. 3 मई की सुबह महाराष्ट्र से 347 मजदूरों को लेकर भोपाल आई स्पेशल ट्रेन में यात्रा करने वाले मजदूरों ने आरोप लगाए थे कि उनसे किराए के तौर पर ₹315 लिए गए जबकि ₹305 का टिकट दिया गया. इसके बाद प्रदेश का सियासी पारा भोपाल से लेकर दिल्ली तक गर्म हो उठा.

हजारों मजदूर इस तरह लौटेंगे प्रदेश

प्रदेश के हजारों मजदूरों की वापसी होनी है. जानकारी के मुताबिक गुजरात से जबलपुर, रतलाम और राजकोट से भोपाल के लिए एक ट्रेन चलेगी. हरियाणा से कटनी जिले के लिए दो ट्रेन चलेगी. दिल्ली से भोपाल के लिए ट्रेन चलेगी. गोवा से भोपाल और जबलपुर के लिए एक-एक ट्रेन चलेगी. 22 श्रमिक ट्रेनें अमरावती से भोपाल, अमरावती से जबलपुर, औरंगाबाद से भोपाल, औरंगाबाद से रतलाम, औरंगाबाद से जबलपुर, नागपुर से भोपाल, भोपाल से रीवा, नागपुर से जबलपुर, नासिक से भोपाल, नासिक से रतलाम, नासिक से रीवा, नासिक से जबलपुर तक चलेगी. इन ट्रेनों में 26 हजार मजदूर प्रदेश आएंगे. ऐसे में मजदूरों की वापसी को लेकर अब सियासी पारा गर्म हो उठा है.

Back to top button