कोई भी अधिकारी व कर्मचारी सर्विस रिकॉर्ड में फेल नहीं, 494 का होगा संविलियन
भोपाल। प्रदेश व 38 जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी 25-55 (सेवा अवधि और उम्र) के फॉर्मूले पर फेल नहीं हुआ। इन सभी का अब संविलियन दूसरे विभाग या सहकारी संस्थाओं में होगा। दतिया जिले से इसकी शुरुआत भी हो गई। वहां 29 अधिकारी-कर्मचारी संविलियन के लिए बचे थे। इनमें से 17 को दूसरी जगह नौकरी भी मिल गई।
किसानों द्वारा लिए कर्ज को वापस नहीं लौटाने की वजह से राज्य व जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक को सरकार ने बंद करने का फैसला किया है। साथ ही इसके कर्मचारियों का संविलियन तिलहन संघ की तर्ज पर दूसरे विभागों में करने पर सहमति बनी है।
संविलियन के लिए 606 अधिकारी-कर्मचारी बचे थे, लेकिन लघु वनोपज संघ जैसी सहकारी संस्थाएं बैंककर्मियों का अधिक वेतन होने की वजह से सहमत नहीं हो रही थीं। हालांकि सरकार के दखल के बाद संघ मान गया। संविलियन से पहले सहकारिता विभाग ने अधिकारियों-कर्मचारियों को 25-55 के फार्मूले की कसौटी पर परखने का निर्णय लिया था।
समिति ने सभी का सर्विस रिकॉर्ड जांचा और इसमें एक भी ऐसा नहीं पाया गया जो संविलियन के लिए अयोग्य हो। 110 कर्मचारी जरूर ऐसे हैं जो शैक्षणिक योग्यता नहीं रखते हैं और 59 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। इनका संविलियन नहीं होगा। इनकी सेवाएं एकमुश्त राशि देकर समाप्त कर दी जाएंगी। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 496 अधिकारियों-कर्मचारियों की एक-एक जिले की सूची बनाकर संविलियन की कार्रवाई पूरी की जाएगी।