कुटेश्वर माइंस की खदान में उतराता मिला महिला के शव की हुई शिनाख्तगी
कटनी/बरही:- कुटेश्वर माइंस की बंद पड़ी खदान नम्बर 1 में रविवार की शाम एक महिला का शव उतराता मिला, जिसकी शिनाख्तगी 38 वर्षीय मुन्नीबाई कोल के रूप में की गई है। मुन्नीबाई हादसे का शिकार हुई, उसने आत्मघाती कदम उठाया या फिर उसके साथ कुछ गलत हुआ, इन सारे पहलुओं की जांच गंभीरता से करने में पुलिस जुट गई है। बरही पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम भी आज सुबह घटना स्थल पहुची हुई थी। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है।
9 मार्च को बकरी चराने निकली थी मृतिका
कुटेश्वर माइंस की मौत की खदान में जिस महिला शव बरामद हुआ है, वह 9 मार्च को घर से बकरी चराने के लिए निकली हुई थी, जो लौटकर नही आई। इस संबंध में बरही थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ग्राम ग़ैरतलाई दफाई दफाई बस्ती निवासी लाल कोल की 38 वर्षीय पुत्री मुन्नीबाई के पति राजेश की मौत 12 साल पूर्व होने के बाद वह अपने पिता के घर मे रहती थी, 9 मार्च को वह बकरी चराने निकली थी, जिसका उतराता हुआ शव कुटेश्वर माइंस की बंद पड़ी खदान से बरामद किया गया है, मृतिका के पिता के मुताबिक उसे फिट आता था, पानी के पास फिट आने की संभावनाए भी बढ़ जाती है, फिर भी सारे पहलुओं की जांच गंभीरता से की जा रही है कि कहीं उसके साथ कुछ अनैतिक तो नही हुआ, या फिर उसने आत्मघाती कदम उठाया, जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
दो साल पूर्व छात्र की मिली थी लाश
कुटेश्वर माइंस की बंद पड़ी इसी खदान में दो वर्ष पूर्व 1 जनवरी को नए का साल जश्न मनाते समय डीएव्ही स्कूल कुटेश्वर के एक छात्र के डूबने से मौत हुई थी, जिसके बाद मौत की खुली पड़ी उक्त खदान को सुरक्षित करने के निर्देश प्रशासन ने कुटेश्वर माइंस प्रबंधन को दिए थे, लेकिन लेकिन दो साल बाद भी माइंस प्रबंधन द्वारा मौत की इस खदान को सुरक्षित करने की अभी तक कवायद तक नही की गई।
गुमशुदगी की नही दी पुलिस को सूचना
9 मार्च को घर से निकली मुन्नीबाई के घर वापस नही लौंटने व उसके गुम होने की सूचना बरही पुलिस को परिजनों ने नही दी थी। 11 मार्च की शाम शव मिलने की खबर के बाद जब पड़ताल करने पहुची पुलिस ने मृतिका की शिनाख्तगी के लिए प्रयास किए, तब रात 8 बजे यह पता चला कि लाल कोल की बेटी लापता है, जिसकी शिनाख्तगी उसने मुन्नीबाई के रूप में की।बहरहाल इस सनसनीखेज मामले के एक-एक पहलुओं की जांच करने में बरही पुलिस जुट गई है।











