Thursday, May 21, 2026
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मध्यप्रदेश

किसानों को खून के आंसू रुला रहा Lockdown, फसलें बर्बाद

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कहर के बीच देश में लॉकडाउन (Lockdown) के साइड इफेक्ट भी दिखने शुरू हो गए हैं. इसकी सबसे बड़ी कीमत मजदूर और किसान वर्ग को चुकानी पड़ रही है. काम-धंधे रुकने से मजदूर परेशान हैं. किसानों की फसल खड़ी है. किसान या तो फसल काट नहीं पा रहे हैं या काटने के बाद बेच नहीं पा रहे हैं. मध्य प्रदेश के छतरपुर में टमाटर की फसल बड़ी मात्रा में बर्बाद हो गई है.

मध्य प्रदेश के छतरपुर के किसानों का कहना है कि उनकी टमाटर की फसल तैयार होने के बाद भी बर्बाद हो गई है. एक किसान ने कहा, ‘हमारी फसल तैयार थी. लेकिन समय पर मजदूर नहीं मिले. साथ ही ट्रांसपोर्टेशन की समस्या आई. जो टमाटर तोड़ लिए गए थे, वे भी बाजार तक नहीं पहुंच सके. इसके चलते हमें दो सप्ताह में 50-60 हजार रुपए का नुकसान हुआ है.’

वहीं, एक अखबार के मुताबिक मध्य प्रदेश के गेहूं उगाने वाले किसान कुछ राहत में हैं. राज्य में 50-60% गेहूं की कटाई हो गई है. यह देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा है. उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में अभी गेहूं की कटाई का काम शुरुआती दौर में है.

मध्य प्रदेश में एक हजार से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 53 लोगों की मौत हो चुकी है. मध्य प्रदेश में सबसे बुरी स्थिति इसके दो सबसे बड़े शहरों इंदौर और भोपाल की है. प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है.

कोरोना वायरस के चलते भारत में 3 मई तक के लिए लॉकडाउन घोषित है. देश में इस वायरस से अब तक 12 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 420 लोगों की जान भी जा चुकी है. देश में सबसे अधिक संक्रमण महाराष्ट्र में हैं. यहां 180 से अधिक लोग इस वायरस के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम