Saturday, May 9, 2026
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कार्रवाई: एंटीलिया केस में एनआईए को बड़ी सफलता, सचिन वाजे की करीबी महिला उगलेगी राज

एंटीलिया केस में एनआईए यानी नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजेंसी ने इस मामले में एक महिला को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे के साथ फाइव स्टार होटल में यह महिला दिखी थी। महिला मुख्य आरोपी सचिन वाजे की करीबी सहयोगी है।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 16 फरवरी को साउथ मुंबई स्थित एक फाइव स्टार होटल में सचिन वाजे के साथ महिला दिखी थी। 

ठाणे के फ्लैट से महिला को पकड़ा गया
दरअसल, एनआईए मुकेश अंबानी के घर के बाहर से बरामद कार और मनसुख हिरन की मौत के मामले में गुरुवार को दक्षिण मुम्बई के एक होटल और क्लब की तलाशी ली। साथ ही  एजेंसी ने ठाणे के एक फ्लैट की भी तलाशी ली । महिला से पहले घंटों तक पूछताछ की गई उसके बाद एनआईए ने महिला को हिरासत में लिया गया। 

महिला के पास से कई आईडी और नोट गिनने की मशीन बरामद
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक एनआईए ने बताया कि महिला, सचिन वाजे के काले धन को सफेद करने के लिए काम कर रही थी। उसने दो आईडी का उपयोग करके ऐसा किया और उसके पास नोट गिनने की मशीन थी, जो पिछले महीने वाजे की मर्सिडीज कार में मिली थी।
16 फरवरी को साउथ मुंबई के फाइव स्टार होटल में वाजे के साथ दिखी थी महिला
दरअससल, 16 फरवरी को  सचिन वाजे दक्षिण मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में देखे गए थे, तो उनके साथ महिला सहयोगी भी थी और उसके पास पांच बड़े बैग थे।हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन बताया जा रहा है कि उन बैगों में नोट भरे हुए थे। एनआईए के सूत्रों ने यह कन्फर्म किया था कि घटना वाले दिन सचिन वाजे पैसों से भरे पांच बैग लेकर जा रहे थे।

अंबानी के घर के पास एक एसयूवी से जिलेटिन की छड़ें बरामद होने के बाद से वाजे एनआईए की जांच के घेरे में आए थे। वाजे को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद वाजे को निलंबित कर दिया गया था। एनआईए ने बुधवार को दावा किया था कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के निकट एक वाहन में मिली जिलेटिन की छड़ों की खरीद मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे ने की थी।

एनआईए ने रविवार को एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, दो हार्ड डिस्क, दो वाहन नंबर प्लेट, दो डीवीआर और दो सीपीयू को गोताखोरों की मदद से मीठी नदी से बरामद किया था।

Ashutosh Shukla

30 वर्षों से सकारात्मक पत्रकारिता का अनुभव