कांग्रेस नेता के फार्म हाउस पर चली ‘4 करोड़ की अवैध फैक्ट्री’ में आबकारी ने पेश किया अधूरा चालान; मास्टरमाइंड रणदीप और स्प्रिट सप्लायर ‘गुप्ता’ अब भी पुलिस की पहुंच से दूर
कांग्रेस नेता के फार्म हाउस पर चली ‘4 करोड़ की अवैध फैक्ट्री’ में आबकारी ने पेश किया अधूरा चालान; मास्टरमाइंड रणदीप और स्प्रिट सप्लायर ‘गुप्ता’ अब भी पुलिस की पहुंच से दूर। ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र में हाईवे किनारे कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह तोमर के फार्म हाउस पर पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री के मामले में आबकारी विभाग ने कोर्ट में चालान तो पेश कर दिया है, लेकिन विभाग की यह कार्रवाई महज एक ‘खानापूर्ति’ नजर आ रही है। फैक्ट्री का असली मास्टरमाइंड और अवैध शराब बनाने का मुख्य जरिया (स्प्रिट सप्लायर) अब भी आबकारी की गिरफ्त से बाहर हैं।
कांग्रेस नेता के फार्म हाउस पर चली ‘4 करोड़ की अवैध फैक्ट्री’ में आबकारी ने पेश किया अधूरा चालान; मास्टरमाइंड रणदीप और स्प्रिट सप्लायर ‘गुप्ता’ अब भी पुलिस की पहुंच से दूर
करोड़ों का था खेल, पकड़े गए थे हरियाणा के तस्कर
बता दें कि सात महीने पहले आबकारी विभाग की टीम ने घाटीगांव हाईवे पर स्थित दो मंजिला फार्म हाउस पर छापा मारा था। यहाँ बेहद सुनियोजित तरीके से नकली देशी और विदेशी शराब बनाने का काला कारोबार चल रहा था।
-
बड़ी जब्ती: मौके से करीब 4 करोड़ रुपये की नकली शराब और 1 करोड़ रुपये की मशीनें व कच्चा माल जब्त किया गया था।
-
क्या-क्या मिला: आबकारी ने 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटी तैयार शराब, 7 लाख रुपये कैश और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ियां जब्त की थीं। यहाँ से नकली शराब की सप्लाई हरियाणा तक की जाती थी।
-
गिरफ्तारियां: मौके से नजफगढ़ (दिल्ली) की सुनीता जाट और हरियाणा के जींद व अंबाह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
आबकारी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे 3 बड़े सवाल
1. मास्टरमाइंड रणदीप मलिक कहाँ है? इस पूरी अवैध फैक्ट्री का असली कर्ता-धर्ता और मास्टरमाइंड करनाल (हरियाणा) का रणदीप मलिक उर्फ करण है। आबकारी विभाग सात महीने बाद भी उसे ढूंढने में नाकाम रहा है।
2. कौन है वह ‘गुप्ता’ जो सप्लाई करता था स्प्रिट? नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली जहरीली स्प्रिट कहाँ से आती थी, इसका जवाब भी अधूरा है। आबकारी को सिर्फ इतना पता चला है कि रणदीप किसी ‘गुप्ता’ नाम के शख्स से स्प्रिट लाता था, लेकिन वह गुप्ता कौन है और कहाँ है, इसका पता लगाने में आबकारी के हाथ खाली हैं।
3. कांग्रेस नेता को मिली अग्रिम जमानत जिस आलीशान फार्म हाउस में यह अवैध कारोबार चल रहा था, वह ग्वालियर के कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह तोमर का है। एग्रीमेंट मिलने के बाद उन्हें आरोपी तो बनाया गया, लेकिन आबकारी की टीम कभी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई और अब उन्हें कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
फूलबाग के डीएनडी मॉल में अवैध बार: आबकारी सोती रही!
आबकारी विभाग की सुस्ती का एक और नमूना फूलबाग स्थित दीनदयाल (DND) मॉल में देखने को मिला। शहर के सबसे व्यस्ततम और वीआईपी इलाके के मॉल में अवैध बीयर बार धड़ल्ले से चल रहा था। आबकारी ने छापा मारकर एक आरोपी को तो जेल भेज दिया, लेकिन मुख्य संचालक संजीव शिवहरे अब भी फरार है। सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े मॉल में अवैध बार खुल गया और आबकारी अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी?
आधिकारिक बयान: “कांग्रेस नेता के फार्म हाउस वाले मामले में चालान पेश हो चुका है। आरोपी रणदीप मलिक अभी फरार है, जो किसी गुप्ता से स्प्रिट लेता था; जांच जारी है। डीएनडी मॉल के फरार आरोपी संजीव शिवहरे की भी तलाश की जा रही है।” – राजेश तिवारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, ग्वालियर

