Saturday, May 16, 2026
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कपड़े और फोन की डिलीवरी शुरू : Online कंपनियां ग्रीन और ऑरेंज जोन में शुरू कर सकेगीं सप्‍लाई

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स कंपनियां सोमवार से (4 मई से) ग्रीन और ऑरेंज जोन में गारमेंट, मोबाइल फोन, इनसे जुड़े उत्पाद व अन्य गैर-आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी शुरू करने जा रही हैं। इससे सैकड़ों छोटे कारोबारियों के कारोबार का पहिया लगभग 40 दिनों के बाद फिर से घूमने लगेगा। ई-कॉमर्स कंपनियों के मुताबिक समर अपैरल कैटगरी में उपभोक्ता टी-शर्ट, बरमूडा, स्क‌र्ट्स व अंडरगामेंट्स को सबसे अधिक सर्च और ऑर्डर कर रहे हैं। पर्सनल ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स में हेयर रिमूवल क्रीम, हेयर क्लिपर्स, ट्रिमर्स तो हाउसहोल्ड प्रोडक्ट्स में मच्छर मारने वाले रैकेट्स, मच्छरदानी, एलइडी बल्ब, प्रेशर कुकर्स, वाटर बोटल्स, बेडशीट व तौलिए जैसे आइटम के सबसे अधिक ऑर्डर किए जा रहे हैं। मोबाइल फोन चार्जर, इयरफोन, डाटा केबल्स जैसी चीजों की भी काफी मांग निकल रही है।

हम देश के लाखों विक्रेताओं के संपर्क में हैं

फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीनियर वाइस प्रजिडेंट और चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार ने बताया कि इस दौरान हम देश के लाख से अधिक से एमएसएमई और विक्रेताओं के संपर्क में हैं जिन्हें उपभोक्ताओं की मांग के मुताबिक सामान मुहैया कराने के लिए मदद की जा रही है। विक्रेताओं को फिर से बिक्री शुरू करने के लिए ऑनलाइन परामर्श भी दिए जा रहे हैं।

ग्रीन व ऑरेंज जोन में ऑनलाइन गारमेंट डिलीवरी से 10 फीसद उत्पादन शुरू हो सकता है

गारमेंट मैन्यूफैक्चरर्स ने बताया कि ग्रीन व ऑरेंज जोन में ऑनलाइन डिलीवरी शुरू होने से उनका 10 फीसद उत्पादन शुरू हो सकता है। अभी उत्पादन के बाद उसे बेचने की समस्या थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों के प्लेटफार्म से कारोबार करने वाले सैकड़ों छोटे उद्यमियों को मिलेगा लाभ

ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील के प्रवक्ता के मुताबिक उनके प्लेटफार्म पर कारोबार करने वाले अधिकतर लोग छोटे कारोबारी और एमएसएमई से ताल्लुक रखते है। बड़े पैमाने पर ई-कॉमर्स कारोबार के शुरू होने से इन कारोबारी व उद्यमियों को तत्काल रूप से लाभ होगा। स्नैपडील मुख्य रूप से टियर 2 व टियर 3 शहरों में डिलीवरी देती है।

ग्रीन जोन में दुकानें खुलने पर भी लोग छोटे-छोटे सामान ऑनलाइन खरीदना अधिक पसंद करेंगे

छोटे कारोबारियों ने बताया कि ग्रीन जोन में दुकानें खुलने पर भी लोग छोटे-छोटे सामान दुकान पर जाकर खरीदने के बजाए ऑनलाइन खरीदना पसंद करेंगे। क्योंकि ई-कॉमर्स कारोबार के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ज्यादा आसान है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम