कटनी ने भरी हुंकार लेकर रहेंगे मेडिकल कालेज

कटनी। कटनी में मेडिकल कालेज की स्थापना को लेकर अब संघर्ष सोशल मीडिया से बाहर निकल कर सड़कों पर नजर आने लगा है। पिछले दो दिनों में शहर में मेडिकल कालेज की स्थापना को लेकर माहौल बना जिसकी परिणती आज शहर के तमाम जागरूक लोग और युवक सड़क पर निकले कल देर शाम केंडिल मार्च निकाला गया तो आज स्टेशन तिराहे से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री तथा अन्य सभी मंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
कटनी में सभी संभावनाएं मौजूद
ज्ञापन में में मांग की गई की कटनी में मेडिकल कालेज के लिए वह सभी संभावनाएं मौजूद है जो आवश्यक हैं। बताया गया है कि कटनी में रेल्वे का सबसे बड़ा जंक्शन तथा देश भर में रेल कनेक्टिविटी के साथ यहां से दो-दो राष्ट्रीय राज मार्ग होकर गुजरते हैं। जिले के 100 किलोमीटर के आसपास कोई भी मेडिकल कालेज नहीं हैं। कटनी वह सेंटर प्वाइंट है जहां मेडिकल कालेज खुलने से दमोह, शहडोल जबलपुर, सतना जिलों से कुछ ही घंटों में पहुंचा जा सकता है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में कटनी जिले में मेडिकल कालेज स्थापना की मांग को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। दरअसल सरकार ने बजट में घोषणा की है कि तीन लोकसभा क्षेत्र मिलाकर एक मेडिकल कालेज की स्थापना की जाएगी। इसके बाद ही कटनी खजुराहो, दमोह और शहडोल लोकसभा के अंतर्गत वह सुलभ स्थान है जहां तीनों लोकसभा के नागरिक आसानी से पहुंच सकते हैं। लिहाजा कटनी में मेडिकल कालेज सुविधा की दृष्टि से एकदम फिट बैठता है।
कटनी विकासशील जिला
इसके अलावा कटनी एक विकासशील जिला है जहां मेडिकल कालेज खुलने से आसपास के दो सौ किलोमीटर के क्षेत्र के छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई करने में सहूलियत होगी जो छात्र फिलहाल इंदौर भोपाल ग्वालियर की शरण लेते हैं। यह छात्र कटनी में ही डाक्टर बन सकते हैं।
विधायक, मंत्री को आना चाहिए आगे
कटनी जिले में मेडिकल कालेज की स्थापना को लेकर जिले के चारों विधायक और विशेष तौर पर मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक को भी इस मसले पर कटनी की जनभावानाओं के अनुरूप केन्द्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार तभी इस मामले में सकरात्मक रूख अपनाएगी जब जिले के विधायक भी कटनी की इस जरूरी मांग पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। हालांकि कटनी जिले में इस मांग को लेकर सभी राजनीतिक दल एक हैं और इसी एकता के बल पर उम्मीद जगी है कि कटनी को मेडिकल कालेज की सौगात मिल सकती है।
स्वास्थ्य मामलों में दूर होगा पिछड़ापन
एक और कारण यह है कि कटनी जिले में स्वास्थय सुविधाओं के मामले में हमेशा से ही पिछड़ापन झेलना पड़ा है। इसे दुर्भाग्य ही कहें कि कटनी जिला चिकित्सालय में एक अदद सीटी स्केन या फिर डायलसिस अथवा कीमोथेरेपी के लिए जबलपुर या अन्य बड़े शहरों की ओर रूख करना पड़ता है।
पुत्रवत रिश्ते का फर्ज अदा करेंगे स्वास्थ्य मंत्री
कटनी जिले से यह भी संयोग जुड़ा है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा कटनी जिले के दामाद भी हैं। ऐसे में एक भावनात्मक संबंध भी बन गया है। गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व मंत्री विभाषचंद्र बैनर्जी के भाई सुभाष बैनर्जी की पुत्री मल्लिका बैनर्जी के साथ श्री नड्डा का विवाह हुआ है। अब चूंकि कटनी जिले से श्री नड्डा का यह संयोग भी जुड़ा है लिहाजा कटनी वासियों को उम्मीद जगी है कि श्री नड्डा अपनी ससुराल के लिए पुत्रवत रिश्ते का फर्ज जरूर अदा करेंगे। विश्वास है कि वह कटनी के लिए मेडिकल कालेज स्वीकृत करने रूचि लेंगे। हालांकि केवल एक रिश्ते ही नहीं कटनी मेडिकल कालेज के लिए वह सारी सक्षमताएं भी पूर्ण करता है जो जरूरी हैं, लिहाजा कटनी वासियों की यह मांग जायज भी है।








