कटनी की यादों में हमेशा समाए रहेंगे भारत रत्न अटल जी

कटनी। पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न पं. अटल बिहारी बाजपेयी का का आज जन्म दिन है 93 वर्ष की उम्र का पड़ाव आज अटल जी ने पूरा किया शारीरिक अस्वस्थता के चलते भले ही अटल जी जनमानस से दूर हो किन्तु हर भारतवासी के दिलों में वह आज भी शीर्ष पर ही हैं।
शुचितापूर्ण बेबाक राजनीति और राजधर्म की बात जब-जब आती है, पं. अटल बिहारी बाजपेयी का नाम गर्व से लिया जाता है। अटल जी की इन्ही यादों को सजाये कटनी वासी भी उन्हें अपने दिल में हमेशा संजोए रहते हैं।
यूं तो अटल जी का कटनी आगमन कई दफे हुआ लेकिन अधिकांशतः वह यहां जन सभाओं को संबोधित करने आये पर, 1996 में अटल जी का कटनी में करीब दिन भर का विस्तृत कार्यक्रम हुआ था। आज उनके जन्म दिन पर इस आगमन को कटनी के भाजपा जन ही नहीं नागरिक भी याद करते हैं। दरअसल यहां पूर्व प्रधानमंत्री का अचानक आगमन हुआ था।

संयोग था तत्कालीन विधायक सुकीर्ति के अनुज विवेक का विवाह। साथ ही विधायक निधि से माधवनगर में बने सामुदायिक भवन का उद्घाटन। यह भवन आज माधवनगर में ननि के उप कार्यालय के रूप में अटल जी जी यादों में समाया है और हमेशा ही रहेगा । सामुदायिक भवन भूमि पूजन के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यहां अपना ओज पूर्ण उद्बोधन भी दिया था। इसके पूर्व अटल जी थाने तिराहे पर स्थित जैन बोर्डिंग पहुंचे थे और यहीं उन्होंने भोजन भी ग्रहण किया था। जैन बोर्डिंग स्कूल में आज भी अटल जी की इस याद को छाया चित्र के माध्यम से संजो कर रखा गया है। यह छाया चित्र कटनी से अटल जी की याद का एक अहम चित्र है जिसमे भाजपा के तत्कालीन विधायक सुकीर्ति जैन और अन्य जन द्रष्टव्य हैं। कटनी में आज भी उस दौर के लोग अटल जी की ओज पूर्ण वाणी के कायल हैं । यहां घण्टाघर और फारेस्टर खेल मैदान में अटल जी की कई सभाएं हुईं थीं।








