…और जाको राखे साईंया, पूरी रात खेत में बैठा रहा दो साल का मासूम
जबलपुर। कहते है कि जाको राखे साईंया मार सके न कोय यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब जिले के समीपी सिहोरा थाने के अंतर्गत आने वाले मरहटी ग्राम का एक मासूम सांय को अपने घर मे खेलते खेलते आधा किलो मीटर दूर एक खेत मे चला गया ओर पूरी रात वह वहां पर अपनी जिंदगी और मौत के बीच खेलता रहा।
आज सुबह गांव की एक महिला जब खेत की ओर शौच करने के लिये गई हुई थी तो उक्त मासूम उसको खेत से आते हुये दिखा जिसे वह अपने साथ लेकर पीड़ित पक्ष के घर पहुंंची तो परिजनों ने अपने लाल को कलेजे से लगा कर राहत भरी सांस ली।
इधर जब रात को मासूम नहीं मिला तो परिजनों ने इस घटना की सूचना सबसे पहले डायल 100 को दी गई उक्त सूचना मिलते ही भोपाल से सिहोरा पुलिस को इस घटना की जानकारी दी गई थाना प्रभारी अनूप दुबे को जैंसे ही इस घटना की सूचना मिली तो उनके द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीणआरएस नरवरिया को इसकी जानकारी दी गई जानकारी मिलते ही श्री नरवरिया द्वारा एक टीम को गठित कर उसे मौकेपर भेजा गया।
घटना स्थल पहुंची टीम को मरहटी गांव के रहने वाले संजय यादव ने पुलिस को बताया कि उनका दो साल का मासूम सुर्यांश उर्फ विटटू की दादी घर से कुछ दूरी पर एक दुकान में मंजन लेने के लिये गई हुई थी उस समय मासूम घर के आंगन में खेल रहा था किन्तु जब वह दुकान से वापिस घर आई तो मासूम मौके पर नहीं मिला परिजनों को इस बात की चिंता हुई और उनके द्वार पूरे गांव में सुर्यांश की तलाश की गई गांव वालों द्वारा जब रात 10 बजे तलाश करने के बाद भी मासूम नहीं मिला तो परिजनों द्वारा इसकी सूचना डायल 100 को दी गई
उक्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी अनूप दूबे स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी रात मासूम के संबंध मे गंाव वालों से पूछताछ की गई साथ ही गांव के बाहर लगी झाड़ियों मेंं भी मासूम की तलाश की गई इसके बाद भी कोई सुबह तक उसका कोई सुराग नहीं लगा
आज सुबह जब गांव की एक महिला शौच करने के लिये गई हुई थी तो उसको सुर्यांश खेत से गांव की ओर आते हुये दिखा तो उसने उसे गोद में लेकर पीड़ित पक्ष के घर पहुंची और पूरा हाल बताया बच्चे को सुरक्षित देख कर पीड़ित पक्ष द्वारा राहत की सांस ली गई।

