Thursday, May 21, 2026
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ओवरऐज के मुद्दे पर अभिलाष क्यों हैं खामोश?

जबलपुर, नगर प्रतिनिधि। युवा मोर्चा ग्रामीण में पद के बंटवारे से लेकर उम्र तक के मुद्दों पर धमासान मचा हुआ है। एक तरफ जनप्रतिनिधि अपनी उपेक्षा की बात कह रहे हैं वहीं दूसरी तरफ नियमों को ताक पर रखकर 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को पद बांट दिए गए। इस पूरे घमासान के बीच युवा मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष खामोशी की चादर ओढ़कर बैठे हुए हैं। जबकि घोषणाओं का दौर शुरू होने से पहले वे कई दफा कह चुके थे कि 35 से ज्यादा उम्र वालों के लिए युवा मोर्चे में जगह नहीं है। जो भी ओवरऐज होगा उसे वे खुद पद से हटाएंगे।

युवा मोर्चा ग्रामीण के चार पदाधिकारी 35 साल से ऊपर के, कार्यकर्ताओं के बगावती तेवर
देवास में अभिलाष ने कहा था ओवरऐज को मैं खुद करूंगा आऊट

चार नाम आ रहे सामने
मुख्य रूप से चार नाम ऐसे सामने आ रहे हैं जिसको ओवरऐज बताया जा रहा है। जिसमें मंडल अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी शामिल हैं। जिसमें सोनपुर से ब्रजेश चौकसे, महाराजपुर से धर्मेन्द्र जाट कटंगी से अर्पण साहू और सिहोरा से विनय जानवानी के नाम हैं। जिसको लेकर पार्टी फोरम में भी आवाज उठने लगी है।
एबीवीपी कनेक्शन
ग्रामीण युवा मोर्चे और नगर के पदाधिकारियों के एबीवीपी कनेक् शन इन दिनों चर्चा में हैं। दोनों ही कार्यकारिणी में एबीवीपी में सक्रिय रहे चेहरों को जगह मिली है। खासकर ग्रामीण एबीवीपी के जिन चार ओवरएोज नामों को लेकर विवाद चलर रहा है वे पूर्व में एबीवीपी के समय अभिलाष पांडे के साथ काम कर चुके हैं। इसके चलते कहीं न कहीं उन्हें पदों से नवाजा गया है।
डाक्यूमेंट फर्जी थे क्या?
जिनको युवा मोर्चे के पदाधिकारी बनाया जाता है उनसे उम्र का प्रमाण पत्र मांगने की व्यवस्था है। यदि 35 साल से ज्यादा वालों को पद बांटे गए हैं तो क्या उन्होंने फर्जी कागजात दिखा कर पद ले लिए या फिर अध्यक्ष राजमणि ने उम्र को अनदेखा करके पद बांट दिए।
दो जिलों की कार्यकारिणी हुई भंग
ओवरऐज के चक्कर में प्रदेश के दो जिले धार व देवास की कार्यकारिणी भंग हो चुकी है। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष अपने ही गृह जिले में आंखें बंद करके बैठे हुए हैं। उन्हें दूसरे जिले की अनियमितताएं तो दिख गईं मगर अपने जिले को नजर अंदाज कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण अध्यक्ष राजमतण कार्यकारिणी घोषित करके चित्रकूट चले गए। जबकि पार्टी के लोग बताते हैं कि उन्हें चित्रकूट चुनाव में बुलाया ही नहीं गया है।

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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