ऑफलाइन कराई जाए आईटीआई की परीक्षाएं

कटनी। आईटीआई में ऑनलाइन परीक्षा प्रारंभ करने से हो रही गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को लेकर एनएसयूआई ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उग्र आंदोलन किया गया। आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को कचहरी गेट के सामने पुलिस बल ने रोका।
कोई भी सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं ने गेट खोलकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस दल भी तैनात था। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच हंगामे की स्थिति भी निर्मित हुई, जिसे नियंत्रित करने पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार ने ज्ञापन लेने में गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया, जिस पर नेता प्रतिपक्ष मिथलेश जैन द्वारा ने आपत्ति व्यक्त की। एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, टेक्नीकल विंग राज्यमंत्री दीपक जोशी और डायरेक्टर एनसीव्हीटी नई दिल्ली के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
कार्यक्रम में युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव विवेक पाण्डेय गोल्डन, युवा कांग्रेस अध्यक्ष व पार्षद मनोज गुप्ता, ब्लाक अध्यक्ष रमेश सोनी, कांग्रेस नेता राकेश द्विवेदी गुड्डू, विकास तिवारी, शुभम मिश्रा, अजय खटीक, विकास दुबे, अरशद खान, राहुल खरे, विकास पाण्डे, प्रशांत सिन्हा, अरजीत खरे, राहुल गुप्ता, अभिषेक प्यासी, शेखर परौंहा, अमित साहू, प्रिंस तिवारी, अरविंद कोल, योगेन्द्र सिंह, मयंक परौंहा, अंकित मिश्रा, आदित्य परौंहा, अभय परौंहा, अंकित अग्रहरी, नीरज वाधवानी, तुषार मिश्रा, सौरभ मिश्रा, संजय राजपूत, नितिन सिंह, सूरज यादव, अभिषेक हरबोल, आयुष दुबे, विकास सोनी, सुमित सरावगी उपस्थित रहे।
क्या हैं मांगे
एनएसयूआई ने प्रदेश में आईटीआई में पुनः ऑफलाइन परीक्षायें प्रारंभ करने, आईटीआई परीक्षाओं में लागू की गई माइनस मार्किंग पद्धति को बंद करने, परीक्षा परिणाम निर्धारित अवधि में घोषित करने आईटीआई से संबोधित समस्याओं का निराकरण क्षेत्रीय नोडल अधिकारी के ऑनलाइन परीक्षा फीस में की गई बढ़ोत्तरी वापस करने, परीक्षा परिणाम का पुर्न मूल्यांकन कराने, उत्तर पुस्तिका की प्रति दिलाने की मांग की है।
ऑनलाइन परीक्षा से गिर रहा छात्रों की शिक्षा का स्तर
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मिथलेश जैन ने कहा कि मप्र में युवाओं और छात्रों पर निरंतर प्रयोग किये जा रहे है। सिर्फ मध्यप्रदेश में लागू की गई ऑनलाइन परीक्षाओं में माइनस मार्किंगग लागू किये जाने से परीक्षा परिणाम में गिरावट आयेगी और छात्र अन्य प्रदेशों की तुलना में पिछड़ते जा रहे है। मप्र प्र. कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव रामनरेश त्रिपाठी ने कहा कि आईटीआई में पूर्व में परीक्षा फीस के नाम पर सिर्फ 100 रूपये लिये जाते थे जो कि ऑनलाइन किये जाने पर 800 रूपये तक वसूले जा रहे है जिससे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले छात्र पढ़ाई छोड़ने पर विवश हो रहे है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अंशू मिश्रा ने कहा कि ऑनलाइन परीक्षा से छात्रों की शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता ही जा रहा है, क्योंकि दसवीं उत्तीर्ण छात्रों को कम्प्यूटर का तकनीकी ज्ञान न होने की वजह से ऑनलाइन परीक्षाओं में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।








