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एससी-एसटी अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती परीक्षा में 5 फीसदी की छूट, अब 31 फीसदी पर पास

नेशनल डेसक। चुनावी वर्ष में राज्य सरकार ने अनूसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती परीक्षा के दोनों चरणों में न्यूनतम योग्यता में 5 प्रतिशत की छूट देकर बड़ी राहत दी है. अब इन वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा के पहले चरण में प्रत्येक पेपर में 31 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे. पहले एसटी व एससी वर्ग के अभ्यर्थियों को पहले चरण में प्रत्येक पेपर में 40 एवं दूसरे चरण में 36 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होता था. कार्मिक विभाग ने बुधवार को संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है.

राज्य सरकार ने लिपिक भर्ती के लिए नया कदम उठाया है. राज्य सरकार ने छूट देने के लिए सचिवालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम 1999 में संशोधन कर दिया है. इससे पहले राज्य सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के इच्छुक नौजवानों को आयु सीमा में बड़ी छूट दी थी. सरकार ने भर्ती परीक्षा में आवश्यक ऊपरी आयु सीमा में तीन साल की छूट प्रदान कर सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को फायदा दिया था.

राज्य सरकार ने राज्य में मंत्रालयिक सेवा संबंधी नियमों में नया प्रावधान करते हुए अनूसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती परीक्षा के दोनों चरणों में न्यूनतम योग्यता में 5 प्रतिशत की छूट दी है. उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में विधानसभा में हुई कैबिनेट की बैठक में लिपिक ग्रेड सैकंड और लिपिक पद पर सीधी भर्ती परीक्षा के दोनों चरणों में अनुसूचित जाति एवं अनूसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को न्यूनतम योग्यता में 5 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया था.

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